divorce in kundali Archives - KundliHindi https://kundlihindi.com/tag/divorce-in-kundali/ My WordPress Blog Thu, 20 Mar 2025 06:03:45 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://i0.wp.com/kundlihindi.com/wp-content/uploads/2022/11/cropped-kundlihindi.png?fit=32%2C32&ssl=1 divorce in kundali Archives - KundliHindi https://kundlihindi.com/tag/divorce-in-kundali/ 32 32 214685846 कुंडली में तलाक के योग कब बनते हैं? https://kundlihindi.com/blog/divorce-yoga-in-kundli/ https://kundlihindi.com/blog/divorce-yoga-in-kundli/#respond Thu, 20 Mar 2025 06:03:45 +0000 https://kundlihindi.com/?p=3461 वैवाहिक जीवन में सुख और दुख दोनों ही ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के माध्यम से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि किसी व्यक्ति के जीवन में वैवाहिक समस्याएं कब और कैसे उत्पन्न हो सकती हैं। कई बार ग्रहों की विपरीत स्थिति विवाह में तनाव, अलगाव या तलाक...

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वैवाहिक जीवन में सुख और दुख दोनों ही ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के माध्यम से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि किसी व्यक्ति के जीवन में वैवाहिक समस्याएं कब और कैसे उत्पन्न हो सकती हैं। कई बार ग्रहों की विपरीत स्थिति विवाह में तनाव, अलगाव या तलाक तक ले जा सकती है।  ड़ॉ विनय बजरंगी से जानेंगे कि कुंडली में तलाक के योग कैसे बनते हैं और इससे बचने के लिए कौनसे उपाय किए जा सकते हैं।

कुंडली में तलाक के योग दर्शाने वाले प्रमुख भाव

1.    सप्तम भाव (7th House): यह भाव विवाह, जीवनसाथी और वैवाहिक जीवन को दर्शाता है। यदि यह भाव पाप ग्रहों से प्रभावित हो या कमजोर हो तो तलाक की संभावना बढ़ जाती है।

2.    द्वितीय भाव (2nd House): यह भाव परिवार और धन को दर्शाता है। यहां अशुभ ग्रहों की उपस्थिति पारिवारिक समस्याएं पैदा कर सकती है।

3.    चतुर्थ भाव (4th House): यह भाव घरेलू सुख और मानसिक शांति को दर्शाता है।

4.    अष्टम भाव (8th House): यह भाव अचानक घटनाओं, विवादों और जीवन में आने वाली बाधाओं को दर्शाता है।

तलाक के योग बनाने वाले ग्रह और उनकी स्थिति

·  शुक्र (Venus): विवाह का कारक ग्रह है। यदि शुक्र नीच का हो या पाप ग्रहों के प्रभाव में हो तो वैवाहिक जीवन में समस्याएं हो सकती हैं।

·  मंगल (Mars): मंगल दोष (मांगलिक दोष) वैवाहिक कलह का कारण बन सकता है।

·  राहु और केतु: ये छाया ग्रह भ्रम और अविश्वास पैदा करते हैं, जिससे तलाक की संभावना बढ़ सकती है।

·  शनि (Saturn): यदि शनि सप्तम भाव में स्थित हो या इसका अशुभ प्रभाव हो तो वैवाहिक जीवन में देरी, तनाव और अलगाव हो सकता है।

तलाक के संकेत दर्शाने वाली प्रमुख स्थितियां

1.    सप्तम भाव में पाप ग्रहों की स्थिति: यदि राहु, केतु, मंगल या शनि सप्तम भाव में स्थित हों, तो वैवाहिक जीवन में परेशानियां सकती हैं।

2.    शुक्र और मंगल का अशुभ संयोग: यह संबंध वैवाहिक जीवन में झगड़े और आक्रोश को जन्म दे सकता है।

3.    सप्तम भाव का स्वामी छठे, आठवें या बारहवें भाव में: यह स्थिति वैवाहिक असंतोष और तलाक का संकेत देती है।

4.    चंद्रमा और शुक्र पर राहु या केतु की दृष्टि: यह मानसिक तनाव और विश्वास की कमी को दर्शाता है।

तलाक के योग को कैसे करें कम?

ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं जिनकी सहायता से वैवाहिक जीवन में सुधार लाया जा सकता है।

1. मंत्र और पूजा

·  शिवपार्वती पूजा: वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए शिवपार्वती की पूजा करें।

·  श्री सूक्त का पाठ: शुक्रवार को श्री सूक्त का पाठ करें और माँ लक्ष्मी की पूजा करें।

2. रत्न धारण करें

·  शुक्र के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए हीरा या ओपल धारण करें।

·  मंगल दोष से मुक्ति के लिए मूंगा रत्न धारण करें।

3. दान और सेवा

·  शनिवार को जरूरतमंदों को काले कपड़े और तेल का दान करें।

·  मंगलवार को हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाएं।

4. ग्रह शांति उपाय

·  ग्रह शांति पूजा कराएं और नवग्रहों की अराधना करें।

·  राहु और केतु के लिए नारियल प्रवाहित करना लाभकारी होता है।

कुंडली मिलान से बच सकते हैं तलाक के योग

शादी से पहले कुंडली मिलान करवाना बेहद महत्वपूर्ण है। गुण मिलानमंगल दोष और दोषनिर्माण की जांच करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली समस्याओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। अगर किसी भी प्रकार का दोष पाया जाता है, तो विवाह से पहले उचित उपाय किए जा सकते हैं।

निष्कर्ष

कुंडली में तलाक के योग होना अनिवार्य रूप से तलाक का कारण नहीं बनता। सही समय पर उचित ज्योतिषीय उपाय और समझदारी भरा व्यवहार वैवाहिक जीवन को बचा सकता है। यदि आप अपने रिश्ते में तनाव महसूस कर रहे हैं, तो किसी अनुभवी तलाक ज्योतिषी से परामर्श लेना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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तीज का पर्व सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद माना जाता है. धर्म शास्त्रों के अनुसार पौराणिक काल से ही दांपत्य जीवन की समस्याओं को दूर करने के लिए तीज व्रत का पालन एवं इस दिन होने वाले अनुष्ठानों को किया जाता रहा है और आज भी इस पर्व की महत्ता विशेष है. जो विवाह जीवन में आने वाली हर प्रकार की समस्याओं से मुक्ति दिलाने वाली होती है. तीज एक ऎसा मांगलिक उत्सव है जो वैवाहिक जीवन में जोड़ों के मध्य रिश्ते को मजबूत करता है.

विवाह एक ऎसा रिश्ता है जिसे सात जन्मों का साथ माना गया है. लेकिन कई बार जीवन में कुछ ऎसे पड़ाव आते चले जाते हैं जिनके कारण वैवाहिक जीवन में लगातार झगड़े और आपसी अनबन इतनी बढ़ जाती है कि एक छत के नीचे रह पाना दोनों के लिए ही बहुत मुश्किल होता है शादी में आ रही है तलाक की नौबत से चुटकारा, तब ऎसे में जीवन में आए इस संकट से बचने के लिए अगर कुछ कार्यों को कर लिया जाए तो इस परेशानी से बचाव भी संभव है. इन सभी परेशानियों को दूर करने में तीज का उत्सव सुखद कदमों की आहट को सुनाता है.

कुंडली में तलाक के कारण

समाज में होने वाले बदलावों के साथ हमारे जीवन में भी कई ऎसे बदलाव होते हैं जिसके कारण आज के समय वैवाहिक जीवन में आपसी संबंध भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाए हैं. शादी विवाह में अगर तलाक या अलगाव जैसी परेशानियां जब रिश्ते में आने लगती हैं तो यह एक बेहद ही कठोर और चिंता देने वाला समय बन जाता है. तलाक या शादी में अलगाव की स्थिति किसी भी कारण से उभर सकती है.

इसमें आपसी मतभेद, अपनीअपनी जीवन शैली, विचार, रहन सहन, परिवार जनों का हस्तक्षेप, पार्ट्नर की गलत आदतें जैसी बातें कई छोटी या बड़ी बातें शामिल हो सकती हैं. यह बातें तलाक और अलगाव के लिए जिम्मेदार हो सकती है. तलाक की वजह चाहे कोई भी हो लेकिन इसका रहस्य जन्म कुंडली/Kundali में ही छिपा होता है और जिसे सुलझा कर हम इस तरह की समस्या से दूर रहते हुए सुखी वैवाहिक जीवन जी सकते हैं.

वैवाहिक जीवन की समस्याओं को ज्योतिष से पहचानें

विवाह में तलाक जैसी स्थिति आखिर किन कारणों से उभरी इसके लिए जन्म कुंडली की जांच करना जरूरी है. इस के अलावा दोनों लोगों के मध्य एक ऎसे व्यक्ति का होना भी जरुरी है जो निष्पक्ष रूप से दोनों का साथ देने वाला हो, एक योग्य ज्योतिषी इस भूमिका में सबसे अधिक उपयुक्त व्यक्ति होता है क्योंकि वह जानता है कि कुंडली में वो कौन से योग बने, और कौन सी दशा गोचर की स्थिति ऐसी बन रही है की अलगाव तलाक तक पहुंच सकता है.

इन बातों को जान समझ कर तलाक और अलगाव होने को रोक पाना संभव होता है. लेकिन अगर दोनों लोगों की रजामंदी इस तरह से नहीं मिल पाती है तब उस स्थिति में अकेला साथी भी ज्योतिष द्वारा बताई गई सलाह और उपायों से अपने टूटते घर को बचा सकता है. इसी में विशेष भूमिका आती है हमारे द्वारा किए जाने वाले उन खास उपायों की जो हम स्वयं भी अगर कर लेते हैं तो रिश्ते को तलाक और अलगाव जैसी परिस्थिति से अपने जीवन को बचाया जा सकता है.

सावन तीज के दिन पूजा एवं अनुष्ठान रोक सकते हैं वैवाहिक जीवन का तनाव

तीज का पर्व इसी में एक विशेष उपाय है जो जीवन की इन उलझनों को दूर करने में बहुत सहायक होता है. यह केवल रिश्ते को टूटने से बचाता है बल्कि ऎसे रिश्ते देता है जो जीवन भर साथ निभाते हैं. इसी कारण कुंवारी कन्याएं जब योग्य वर की कामना करती हैं तो उनके लिए तीज का दिन बेहद विशेष होता है.

तीज का पर्व है देवी पार्वती और महादेव के प्रेम विवाह का गवाह

शिव पुराण एवं अन्य कथाओं में इस बात का उल्लेख प्राप्त होता है की जब माता पार्वती ने अपने विवाह के लिए योग्य वर के रूप में भगवान शिव को पति बनाने की कामना रखी तब उनकी तपस्या और उनकी कठोर व्रत साथना में तीज व्रत का दिन भी गवाह बना. सावन माह की तृतीया तिथि के दिन ही महादेव ने देवी पार्वती को अपनी जीवन संगिनी बनने का वचन दिया था. इसी कारण से जो भी कन्या अपने लिए मनपसंद वर की इच्छा रखती है वह तीज के दिन यदि देवी पार्वती और महादेव का विधि विधान के साथ पूजन करती हैं तो उनकी कामना जरूर पूरी होती है.

तीज की पूजा का फल व्यक्ति को तभी प्राप्त होता है जब सभी नियमों का पालन करते हुए पूजन किया जाए. सावन तीज पर अगर सही तरह से उचित रूप में एक योग्य ज्योतिषी के सहयोग द्वारा पूजा अनुष्ठानों के कार्यों को किया जाता है तो वैवाहिक जीवन में आने वाली हर प्रकार की संभावित परेशानियों से बचा जा सकता हैकिसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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