Free Love Calculator Archives - KundliHindi https://kundlihindi.com/tag/free-love-calculator/ My WordPress Blog Sat, 16 Aug 2025 05:31:58 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://i0.wp.com/kundlihindi.com/wp-content/uploads/2022/11/cropped-kundlihindi.png?fit=32%2C32&ssl=1 Free Love Calculator Archives - KundliHindi https://kundlihindi.com/tag/free-love-calculator/ 32 32 214685846 Love Calculator in Hindi: प्यार का प्रतिशत कैसे पता करें? https://kundlihindi.com/blog/love-calculator-in-hindi/ https://kundlihindi.com/blog/love-calculator-in-hindi/#respond Sat, 16 Aug 2025 05:29:39 +0000 https://kundlihindi.com/?p=3921 आज की डिजिटल दुनिया में हर कोई जानना चाहता है कि प्यार का प्रतिशत (Love Percentage) उनके रिश्ते में कितना है। कई लोग अपने रिश्ते को समझने और भविष्य को जानने के लिए Love Calculator in Hindi का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या यह सच में सही होता है? क्या केवल नाम और राशि से प्यार की सफलता...

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आज की डिजिटल दुनिया में हर कोई जानना चाहता है कि प्यार का प्रतिशत (Love Percentage) उनके रिश्ते में कितना है। कई लोग अपने रिश्ते को समझने और भविष्य को जानने के लिए Love Calculator in Hindi का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या यह सच में सही होता है? क्या केवल नाम और राशि से प्यार की सफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है? इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि प्यार का प्रतिशत कैसे पता करें, इसका ज्योतिषीय महत्व क्या है और इसमें Dr. Vinay Bajrangi की क्या सलाह है।

Love Calculator क्या है?

Love Calculator एक ऐसा टूल है जो आपके नाम, जन्मतिथि या राशि को लेकर यह अनुमान लगाता है कि आप और आपके पार्टनर के बीच प्यार का प्रतिशत कितना है। यह एक मनोरंजन का साधन है, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो सटीकता केवल कुंडली मिलान (Kundli Matching) और ज्योतिषीय विश्लेषण से ही मिलती है।

प्यार का प्रतिशत कैसे पता करें?

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपके और आपके पार्टनर के बीच कितनी Compatibility है, तो इसके लिए कई तरीके हैं:

1.    नाम से प्यार का प्रतिशत (love compatibility by Name):
इसमें आपके और आपके पार्टनर के नाम को लेकर गणना की जाती है। हालांकि, यह पूरी तरह से सटीक नहीं होता।

2.    राशि से प्यार का प्रतिशत (love compatibility by Zodiac Sign):
ज्योतिष (Astrology) में राशि का बहुत महत्व होता है। अगर दोनों लोगों की राशि आपस में मेल खाती है, तो रिश्ता मजबूत होता है।

3.    कुंडली मिलान से प्यार का प्रतिशत:
वास्तविक और सटीक तरीका है कुंडली मिलान (Horoscope Matching) इसमें गुण मिलानभावेश विश्लेषण, और दोष निवारण देखकर यह बताया जाता है कि रिश्ते की सफलता कितनी होगी।

ज्योतिष के अनुसार प्यार की सफलता

Dr. Vinay Bajrangi कहते हैं कि प्यार की सफलता केवल नाम या राशि से नहीं जानी जा सकती। इसके लिए जन्म कुंडली का गहन विश्लेषण ज़रूरी है। कुंडली में मौजूद सप्तम भाव (7th House)पंचम भाव (5th House) और शुक्र (Venus) ग्रह को देखकर ही यह पता चलता है कि रिश्ते में प्यार, समझ और स्थिरता कितनी होगी।

क्यों है ज़रूरी ज्योतिषीय Love Calculator?

आज इंटरनेट पर आपको हजारों Free Love Calculator in Hindi मिल जाएंगे। लेकिन असली गणना तभी संभव है जब किसी अनुभवी ज्योतिषी से कुंडली का विश्लेषण करवाया जाए।

·  ग्रहों की स्थिति रिश्ते की दिशा तय करती है।

·  मंगलिक दोष (Manglik Dosha) रिश्ते पर असर डाल सकता है।

·  शनि और राहु रिश्ते में देरी और बाधाएं ला सकते हैं।

·  सही उपाय और मार्गदर्शन से रिश्ते को सफल बनाया जा सकता है।

Dr. Vinay Bajrangi की सलाह

यदि आप सच में यह जानना चाहते हैं कि आपके रिश्ते का भविष्य कैसा होगा, तो केवल ऑनलाइन Love Calculator पर निर्भर रहें। इसके बजाय अपनी और अपने पार्टनर की कुंडली दिखाकर एक बार ज्योतिषीय परामर्श ज़रूर लें।

FAQs – प्यार का प्रतिशत कैसे पता करें?

Q1: क्या Love Calculator सच में सही होता है?
Ans: Love Calculator
केवल मनोरंजन के लिए होता है। असली सटीकता केवल कुंडली और ज्योतिषीय विश्लेषण से ही मिलती है।

Q2: क्या नाम से प्यार का प्रतिशत जाना जा सकता है?
Ans:
नाम से एक अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन यह पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है।

Q3: प्यार का प्रतिशत ज्योतिष से कैसे पता करें?
Ans:
ज्योतिष में कुंडली मिलान, सप्तम भाव और शुक्र ग्रह की स्थिति देखकर प्यार का प्रतिशत और सफलता जानी जा सकती है।

Q4: क्या ऑनलाइन Love Calculator उपयोगी है?
Ans:
हां, यह मजेदार हो सकता है, लेकिन असली भविष्यवाणी केवल अनुभवी ज्योतिषी से करवाना सही होता है।

Q5: Dr. Vinay Bajrangi से परामर्श क्यों करें?
Ans:
क्योंकि वे आपकी जन्म कुंडली देखकर रिश्ते की वास्तविक स्थिति और संभावनाओं के बारे में सही मार्गदर्शन दे सकते हैं।

निष्कर्ष

Love Calculator in Hindi एक अच्छा मनोरंजन है, लेकिन अगर आप अपने रिश्ते का असली भविष्य जानना चाहते हैं तो कुंडली मिलान और ज्योतिषीय परामर्श ही सही उपाय है। जैसा कि Dr. Vinay Bajrangi कहते हैं – “प्यार का प्रतिशत केवल नाम या राशि से नहीं, बल्कि ग्रहों की चाल और जन्म कुंडली से ही जाना जा सकता है।

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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लव मैरिज योग: कुंडली से कैसे जानें? https://kundlihindi.com/blog/love-marriage-yoga/ https://kundlihindi.com/blog/love-marriage-yoga/#respond Wed, 09 Jul 2025 06:39:23 +0000 https://kundlihindi.com/?p=3786 आज के समय में लव मैरिज एक सामान्य सामाजिक प्रक्रिया बन चुकी है, लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी कुंडली में लव मैरिज योग है या नहीं? यह सवाल हर उस व्यक्ति के मन में आता है जो अपने प्रेम संबंध को विवाह में बदलना चाहता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कुछ विशेष ग्रहों की स्थिति और योग यह...

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आज के समय में लव मैरिज एक सामान्य सामाजिक प्रक्रिया बन चुकी है, लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी कुंडली में लव मैरिज योग है या नहीं? यह सवाल हर उस व्यक्ति के मन में आता है जो अपने प्रेम संबंध को विवाह में बदलना चाहता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कुछ विशेष ग्रहों की स्थिति और योग यह संकेत देते हैं कि आपकी शादी लव मैरिज होगी या अरेंज मैरिज

इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि लव मैरिज के ज्योतिषीय योग कौनसे हैं, कैसे पहचानें कि आपकी कुंडली में यह योग है और इसके लिए Dr. Vinay Bajrangi जैसे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से मार्गदर्शन क्यों आवश्यक है।

लव मैरिज योग की पहचान कुंडली से कैसे करें?

1. पंचम भाव (5th House) और एकादश भाव (11th House) की भूमिका:

पंचम भाव को प्रेमरोमांस, और मनोरंजन का घर माना जाता है, जबकि एकादश भाव इच्छाओं और सामाजिक संपर्कों से जुड़ा होता है। अगर पंचम और एकादश भाव के स्वामी एकदूसरे से संबंध रखते हैं या शुभ ग्रहों से प्रभावित हैं, तो लव मैरिज के योग बनते हैं।

2. शुक्र और चंद्र का प्रभाव:
शुक्र प्रेम और आकर्षण का कारक ग्रह है। यदि शुक्र पंचम, सप्तम या एकादश भाव में स्थित हो या इन भावों के स्वामी के साथ युति में हो, तो यह संकेत करता है कि जातक का झुकाव लव रिलेशनशिप की ओर रहेगा।
चंद्रमा भावनाओं का कारक है। इसका प्रभाव भी लव मैरिज योग को बल देता है, खासकर तब जब वह पंचम या सप्तम भाव से जुड़ा हो।

3. सप्तम भाव (7th House) की स्थिति:
सप्तम भाव विवाह का भाव है। अगर पंचम भाव और सप्तम भाव में आपसी दृष्टि (aspect) हो या दोनों भावों के स्वामी एक ही स्थान पर हों, तो प्रेम विवाह की संभावना प्रबल होती है।

4. राहु और केतु का योगदान:
राहु अप्रत्याशित घटनाओं और सामाजिक नियमों को तोड़ने वाला ग्रह माना जाता है। अगर राहु पंचम, सप्तम या एकादश भाव में हो तो जातक सामाजिक नियमों से हटकर लव मैरिज करने की इच्छा रखता है।

Check: Free Love Calculator

कुंडली विश्लेषण क्यों है आवश्यक?

हर व्यक्ति की कुंडली अलग होती है, और इसलिए लव मैरिज योग की पुष्टि एक अनुभवी ज्योतिषी ही कर सकता है। Dr. Vinay Bajrangi का मानना है कि केवल ग्रह स्थिति को देखना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि दशा, अंतरदशा, गोचर और भावों के आपसी संबंधों का भी अध्ययन करना जरूरी होता है।

उनके अनुसार, कुछ कुंडलियों में लव मैरिज और अरेंज मैरिज दोनों के योग होते हैं, ऐसे में कौनसा योग सक्रिय है यह जानने के लिए गहन ज्योतिषीय परामर्श आवश्यक है।

लव मैरिज में बाधाएं और उनके समाधान

अगर आपकी कुंडली में लव मैरिज के योग हैं लेकिन फिर भी बाधाएं रही हैं, तो यह हो सकता है कि

·  मंगल दोष या

·  ग्रहों की अशुभ दृष्टि
लव मैरिज में रुकावट पैदा कर रही हो।

ऐसे में कुंडली के अनुसार विशेष ज्योतिषीय उपाय किए जा सकते हैं। Dr. Vinay Bajrangi कुंडली के अनुसार विशेष पूजा, रत्न धारण या व्रत का सुझाव देते हैं, जिससे प्रेम विवाह में रही अड़चनों को दूर किया जा सके।

लव मैरिज के लिए प्रमुख ज्योतिषीय संकेत (Love Marriage Astrology Tips in Hindi)

·  पंचम और सप्तम भाव में मजबूत ग्रह

·  शुक्र और राहु का संबंध

·  गुरु की दृष्टि से मुक्त पंचम भाव (गुरु संयम का प्रतीक होता है)

·  वृषभ, तुला और मीन राशि वालों में अधिक लव मैरिज योग पाए जाते हैं

·  चंद्रमा और शुक्र की युति

FAQs: लव मैरिज योग और कुंडली संबंधी सवाल

1.    क्या हर प्रेम संबंध शादी में बदल सकता है?

नहीं, जब तक कुंडली में लव मैरिज योग  हों और दशा/गोचर अनुकूल हों, तब तक हर प्रेम संबंध शादी तक नहीं पहुँचता।

2.    क्या मंगल दोष लव मैरिज में बाधा डालता है?

हाँ, अगर किसी एक पक्ष की कुंडली में मंगल दोष हो और दूसरे की हो, तो विवाह में समस्या सकती है। इसका समाधान संभव है।

3.    क्या राहु और शुक्र की युति लव मैरिज का संकेत देती है?

हाँराहु और शुक्र की युति प्रेम संबंधों को सामाजिक सीमाओं से बाहर ले जा सकती है, जिससे इंटरकास्ट लव मैरिज के योग बन सकते हैं।

4.    मैं अपनी कुंडली से कैसे जानूं कि लव मैरिज होगी या नहीं?

इसके लिए आपको अपनी कुंडली का विश्लेषण किसी विशेषज्ञ जैसे Dr. Vinay Bajrangi से करवाना चाहिए।

निष्कर्ष:

अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली में लव मैरिज के योग हैं या नहीं, तो आपको केवल सामान्य भविष्यवाणी से काम नहीं चलेगा। गहराई से विश्लेषण और अनुभवी मार्गदर्शन ही सटीक उत्तर दे सकता है।

Dr. Vinay Bajrangi के अनुसार, यदि सही समय पर सही निर्णय लिए जाएं, तो लव मैरिज  केवल संभव है बल्कि सुखद भी हो सकती है।

यदि आप अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाना चाहते हैं या लव मैरिज से जुड़ी कोई सलाह चाहिए, तो आप Dr. Vinay Bajrangi की वेबसाइट kundlihindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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अकाल मृत्यु: जानिए कैसे बनता है जन्मकुंडली में अकाल मृत्यु योग, ऐसे करें बचाव https://kundlihindi.com/blog/kundli-me-akal-mrityu-yog/ https://kundlihindi.com/blog/kundli-me-akal-mrityu-yog/#respond Sat, 07 Jun 2025 06:25:47 +0000 https://kundlihindi.com/?p=3664 अकाल मृत्यु यानी जीवन के स्वाभाविक समय से पहले मृत्यु — एक ऐसा विषय है जो हमेशा से ही चिंता और जिज्ञासा का कारण रहा है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में कुछ विशेष योग और ग्रहों की स्थिति इस प्रकार की संभावना को जन्म दे सकती है। हालाँकि, इसका मतलब यह नहीं कि इसे टाला...

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अकाल मृत्यु यानी जीवन के स्वाभाविक समय से पहले मृत्युएक ऐसा विषय है जो हमेशा से ही चिंता और जिज्ञासा का कारण रहा है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में कुछ विशेष योग और ग्रहों की स्थिति इस प्रकार की संभावना को जन्म दे सकती है। हालाँकि, इसका मतलब यह नहीं कि इसे टाला नहीं जा सकता। Dr. Vinay Bajrangi जैसे विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते इसकी पहचान और उपाय करके इससे बचाव किया जा सकता है।

 क्या है अकाल मृत्यु योग?

अकाल मृत्यु योग वह योग होता है जब जन्मकुंडली में कुछ ग्रहों की स्थिति, दृष्टि या दशापाठक से यह संकेत मिलता है कि जातक को अल्पायुमध्यायु या अचानक मृत्यु का खतरा हो सकता है। यह योग केवल मृत्यु का कारक होता है, बल्कि दुर्घटनाएं, बीमारियाँ और जीवन में अचानक संकट भी इससे जुड़े हो सकते हैं।

 कुंडली में कैसे बनता है अकाल मृत्यु योग?

जन्मकुंडली में अकाल मृत्यु के योग तब बनते हैं जब निम्नलिखित स्थितियाँ पाई जाती हैं:

1.    अष्टम भाव (मृत्यु भाव) में अशुभ ग्रह जैसे राहु, केतु, शनि, मंगल का प्रभाव।

2.    लग्न और लग्नेश पर शनि, राहु या केतु की दृष्टि।

3.    अष्टमेश की दशा चल रही हो और वह नीच या शत्रु राशि में स्थित हो।

4.    मंगल और राहु का अंगारक योग

5.    कालसर्प योग यदि अष्टम भाव में हो।

6.    शनि और मंगल की युति या दृष्टि जीवन को संकट में डाल सकती है।

इन योगों की सटीक पहचान के लिए Dr. Vinay Bajrangi जैसे अनुभवी वैदिक ज्योतिषियों की सलाह बेहद जरूरी होती है।

दशा और गोचर का प्रभाव

दशा और गोचर (transit) के अनुसार भी अकाल मृत्यु का खतरा बन सकता है। जब कुंडली में अशुभ ग्रहों की दशा या अंतर्दशा चल रही हो और उसी समय गोचर में भी वही ग्रह अष्टम भाव या मारकेश भाव (2nd और 7th) में सक्रिय हो, तो यह गंभीर संकट का संकेत देता है।

उदाहरण के लिए:

यदि किसी की शनि की महादशा और राहु की अंतर्दशा चल रही हो और उसी समय शनि अष्टम भाव में गोचर कर रहा हो, तो यह अकाल मृत्यु योग को सक्रिय कर सकता है।

कैसे करें अकाल मृत्यु योग से बचाव?

1.    मंत्र जाप – महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जाप जीवन रक्षा में मदद करता है।

2.    शिव पूजा – भगवान शिव को अकाल मृत्यु का नाशक कहा गया है।

3.    रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय हवन – विशेष रूप से ग्रह दशा के दौरान कराया जाना चाहिए।

4.    दान पूजा – शनि, राहु, केतु और मंगल से संबंधित उपाय करें।

5.    ज्योतिषीय सलाह – कुंडली देखकर सटीक उपाय कराने के लिए Dr. Vinay Bajrangi जैसे विशेषज्ञ से परामर्श लें।

Dr. Vinay Bajrangi की राय

Dr. Vinay Bajrangi का मानना है किअकाल मृत्यु योग का अर्थ यह नहीं कि मृत्यु निश्चित है। यदि समय रहते इसकी पहचान हो जाए और उचित ज्योतिषीय उपाय किए जाएं, तो व्यक्ति दीर्घायु भी बन सकता है।

वे यह भी कहते हैं कि कई बार अकाल मृत्यु योग सौम्य ग्रहों की दृष्टि या शुभ दशा से निष्क्रिय भी हो जाता है। इसलिए बिना डर के, एक कुशल ज्योतिषी की सहायता से समाधान ढूँढना चाहिए।

FAQs – अकाल मृत्यु योग के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. क्या हर किसी की कुंडली में अकाल मृत्यु योग होता है?

नहीं, यह योग सभी की कुंडली में नहीं होता। केवल कुछ विशिष्ट ग्रहों की स्थिति, दृष्टि और दशा से ही यह योग बनता है।

Q2. क्या अकाल मृत्यु योग टाला जा सकता है?

हां, यदि समय रहते पहचान हो जाए और सही ज्योतिषीय अकाल मृत्यु उपाय किए जाएं, तो इससे बचा जा सकता है।

Q3. क्या महामृत्युंजय मंत्र से अकाल मृत्यु टल सकती है?

महामृत्युंजय मंत्र को जीवन रक्षा का सबसे प्रभावशाली मंत्र माना गया है। इसका नियमित जाप मन, शरीर और आत्मा को शक्ति प्रदान करता है।

Q4. कैसे पता करें कि मेरी कुंडली में यह योग है या नहीं?

इसके लिए एक अनुभवी वैदिक ज्योतिषी, जैसे कि Dr. Vinay Bajrangi से कुंडली का विश्लेषण कराना सबसे उचित तरीका है।

 निष्कर्ष

अकाल मृत्यु का भय यदि आपके मन में है, तो डरने की नहीं बल्कि समझदारी से कदम उठाने की आवश्यकता है। कुंडली में अकाल मृत्यु योग होने का मतलब यह नहीं कि जीवन का अंत निश्चित है। उचित समय पर उपाय करके केवल इससे बचा जा सकता है, बल्कि दीर्घायु जीवन भी प्राप्त किया जा सकता है।

अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली में ऐसे योग हैं या नहीं, तो एक बार Dr. Vinay Bajrangi से सलाह अवश्य लें।

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शादी में आने वाली रुकावट दूर करने के लिए करें ये ज्योतिषीय उपाय https://kundlihindi.com/blog/vivah-me-aa-rhi-rukawat-ke-upay/ https://kundlihindi.com/blog/vivah-me-aa-rhi-rukawat-ke-upay/#respond Fri, 06 Jun 2025 05:41:55 +0000 https://kundlihindi.com/?p=3660 शादी हर व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। लेकिन कई बार लाख कोशिशों के बावजूद शादी में रुकावट आ जाती है। कभी सही रिश्ता नहीं मिलता, तो कभी सगाई के बाद बात टूट जाती है। ऐसे में जरूरी है कि हम ज्योतिषीय उपाय अपनाकर इन बाधाओं को दूर करें। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में कुछ ग्रह दोष...

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शादी हर व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। लेकिन कई बार लाख कोशिशों के बावजूद शादी में रुकावट  जाती है। कभी सही रिश्ता नहीं मिलता, तो कभी सगाई के बाद बात टूट जाती है ऐसे में जरूरी है कि हम ज्योतिषीय उपाय अपनाकर इन बाधाओं को दूर करें।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में कुछ ग्रह दोष होते हैं जो विवाह में देरी या रुकावट का कारण बनते हैं। लेकिन इनका समाधान संभव है। आज हम जानेंगे ऐसे ही कुछ असरदार उपाय, जिन्हें अपनाकर आप अपने विवाह मार्ग को सुगम बना सकते हैं।

शादी में रुकावट के ज्योतिषीय कारण

1.    मांगलिक दोष (Mangal Dosh) – अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित हो तो वह मांगलिक दोष कहलाता है। इससे शादी में देरी या रिश्तों में समस्याएं आती हैं।

2.    शनि का प्रभाव – यदि शनि ग्रह सप्तम भाव पर प्रभाव डाल रहा हो, तो वह व्यक्ति के विवाह में रुकावट पैदा करता है।

3.    गुरु और शुक्र की स्थिति – विवाह में गुरु (बृहस्पति) और शुक्र का सीधा संबंध होता है। इनका नीचस्थ या पीड़ित होना विवाह में रुकावट का कारण बनता है।

4.    दशा और गोचर – कई बार सही ग्रह दशा नहीं चल रही होती, जिससे विवाह के योग होते हुए भी बात नहीं बनती।

शादी में रुकावट दूर करने के ज्योतिषीय उपाय

1. मंगल दोष निवारण के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें

अगर आपकी कुंडली में मांगलिक दोष है, तो मंगलवार को हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। साथ ही बजरंग बली को लाल चोला चढ़ाएं।

2. सप्तम भाव की शुद्धि के लिए रुद्राभिषेक करें

शिव जी को वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है। इसलिए सोमवार को शिवलिंग पर कच्चे दूध, शहद और बेलपत्र चढ़ाकर रुद्राभिषेक करें।

3. गुरु का आशीर्वाद पाने के लिए गुरुवार का व्रत रखें

गुरु ग्रह को प्रसन्न करने के लिए गुरुवार का व्रत रखें। पीले वस्त्र पहनें, चने की दाल का दान करें और केले के पेड़ की पूजा करें।

4. शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा करें

शुक्र ग्रह को विवाह का कारक माना जाता है। शुक्रवार को सफेद वस्त्र पहनकर माता लक्ष्मी की पूजा करें चावल, दूध और सफेद मिठाई का दान करें।

5. कुंडली मिलान कराएं

शादी से पहले कुंडली मिलान अवश्य कराएं। इससे यह पता चलता है कि कौनसे दोष हैं और उनसे बचने के क्या उपाय हैं।

6. Dr. Vinay Bajrangi से परामर्श लें

यदि उपरोक्त उपायों के बाद भी शादी में रुकावट रही है, तो कुंडली की गहन जांच जरूरी है। इसके लिए आप प्रख्यात ज्योतिषाचार्य Dr. Vinay Bajrangi से संपर्क कर सकते हैं। उनका अनुभव और विश्लेषण आपको सही दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

ऐसे संकेत जो बताते हैं कि आपकी कुंडली में विवाह में रुकावट है

·  लगातार रिश्ते टूटते हैं

·  मातापिता को रिश्ता मंजूर नहीं होता

·  मनचाहा जीवनसाथी नहीं मिलता

·  शादी तय होतेहोते टल जाती है

·  कुंडली मिलान में दोष निकलता है

FAQ – शादी में रुकावट और ज्योतिषीय समाधान

प्र.1: क्या हर मांगलिक दोष शादी में रुकावट पैदा करता है?
उत्तर: नहीं, हर मांगलिक दोष प्रभावी नहीं होता। यह कुंडली के अन्य ग्रहों और भावों पर भी निर्भर करता है। इसके लिए विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

प्र.2: शादी में देरी का उपाय क्या है?
उत्तर: गुरुवार का व्रतशिव पूजामाता लक्ष्मी की आराधना आदि उपाय करें। साथ ही कुंडली अनुसार विशेष ग्रह शांति कराएं।

प्र.3: क्या केवल रत्न पहनने से शादी में रुकावट दूर हो जाती है?
उत्तर: नहीं, रत्न तभी पहनने चाहिए जब वे कुंडली के अनुसार हों। बिना सलाह के रत्न पहनना उल्टा असर भी दे सकता है।

प्र.4: शादी के लिए कौनसे ग्रह सबसे महत्वपूर्ण होते हैं?
उत्तर: मुख्यतः गुरु (बृहस्पति)शुक्रशनि, और चंद्रमा इनकी स्थिति शादी के योग तय करती है।

प्र.5: Dr. Vinay Bajrangi की विशेषता क्या है?
उत्तर: Dr. Vinay Bajrangi एक अनुभवी वैदिक ज्योतिषाचार्य हैं, जो कुंडली के गहराई से विश्लेषण द्वारा विवाह संबंधित समस्याओं का समाधान प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष

शादी में रुकावट एक आम समस्या है, लेकिन इसका समाधान संभव है। यदि आप वैदिक ज्योतिष के उपायों को सही ढंग से अपनाएं और कुंडली अनुसार निर्णय लें, तो विवाह जीवन में निश्चित ही शुभता आती है। Dr. Vinay Bajrangi जैसे अनुभवी ज्योतिषी से मार्गदर्शन लेकर आप अपने विवाह जीवन को सफल बना सकते हैं।

अगर आप चाहते हैं कि आपकी कुंडली का विश्लेषण करके सही विवाह मुहूर्त निकाला जाए या विवाह बाधा का समाधान मिले, तो विशेषज्ञ की मदद लेने में देर करें।

शादी में रुकावट के ज्योतिष उपायमांगलिक दोष निवारणकुंडली मिलान, और शुभ विवाह योग जैसे शब्दों को समझना और उनके अनुसार उपाय करना आपको सही जीवनसाथी पाने में सहायता करेगा।

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