Health Astrologer Archives - KundliHindi https://kundlihindi.com/tag/health-astrologer/ My WordPress Blog Tue, 07 Oct 2025 11:50:50 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://i0.wp.com/kundlihindi.com/wp-content/uploads/2022/11/cropped-kundlihindi.png?fit=32%2C32&ssl=1 Health Astrologer Archives - KundliHindi https://kundlihindi.com/tag/health-astrologer/ 32 32 214685846 विवाह, करियर, स्वास्थ्य आदि के समाधान के लिए सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी कैसे खोजें। https://kundlihindi.com/blog/how-to-find-best-astrologer/ https://kundlihindi.com/blog/how-to-find-best-astrologer/#respond Tue, 07 Oct 2025 11:44:56 +0000 https://kundlihindi.com/?p=4103 आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से जूझ रहा है — कोई विवाह में विलंब का सामना कर रहा है, कोई करियर में अस्थिरता महसूस कर रहा है, तो कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से गुजर रहा है। ऐसे में लोग अक्सर सोचते हैं कि क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे इन समस्याओं के सटीक कारण और समाधान पहले से...

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आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हर व्यक्ति किसी किसी समस्या से जूझ रहा हैकोई विवाह में विलंब का सामना कर रहा है, कोई करियर में अस्थिरता महसूस कर रहा है, तो कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से गुजर रहा है। ऐसे में लोग अक्सर सोचते हैं कि क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे इन समस्याओं के सटीक कारण और समाधान पहले से जाने जा सकें?
इस प्रश्न का उत्तर है — ज्योतिष (Astrology)

वेदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) के अनुसार, हर व्यक्ति का जीवन उसके जन्म कुंडली (Birth Chart) में अंकित होता है। आपकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति यह बताती है कि कौन से क्षेत्र में आपको सफलता मिलेगी और किन क्षेत्रों में कठिनाइयाँ आने की संभावना है। लेकिन इन सबका सही विश्लेषण करने के लिए आवश्यक है कि आप किसी सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी (Best Astrologer) से मार्गदर्शन लें।

ज्योतिष से विवाह, करियर और स्वास्थ्य की समस्याओं का समाधान

1. विवाह (Marriage) संबंधी समस्याएँ:
अगर आपकी कुंडली में सप्तम भाव (7th House) या शुक्र ग्रह (Venus) में दोष है, तो विवाह में देरी या दांपत्य जीवन में तनाव की स्थिति बन सकती है। एक अनुभवी ज्योतिषी आपकी कुंडली देखकर यह बता सकता है कि विवाह कब और किससे होगा, और कौनसे उपाय अपनाने से वैवाहिक जीवन में सुखशांति आएगी।

2. करियर (Career) में रुकावटें:
करियर में बारबार बदलाव या असफलता तब आती है जब आपकी कुंडली में दशम भाव (10th House) या शनि (Saturn) प्रभावित होता है। एक अच्छे करियर ज्योतिषी (Career Astrologer) द्वारा कुंडली विश्लेषण से यह पता चलता है कि आपको कौनसे क्षेत्र में सफलता मिलेगी, नौकरी बेहतर होगी या व्यापार, और कौनसे ग्रहों के उपाय से करियर स्थिर होगा।

3. स्वास्थ्य (Health) संबंधी समस्याएँ:
यदि आपकी षष्ठ भाव (6th House) या आठवां भाव (8th House) प्रभावित है, तो बारबार स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। अनुभवी ज्योतिषी आपको बताएगा कि कौनसे ग्रह आपकी सेहत पर असर डाल रहे हैं और कौनसे स्वास्थ्य ज्योतिषीय उपाय (Health Astrological Remedies) अपनाने से स्वास्थ्य में सुधार आएगा।

Dr. Vinay Bajrangi – सटीक भविष्यवाणी और समाधान के लिए प्रसिद्ध ज्योतिषी

अगर आप वास्तव में अपने जीवन की समस्याओं का सटीक कारण जानना चाहते हैं, तो आपको किसी अनुभवी और विश्वसनीय ज्योतिषी से सलाह लेनी चाहिए। ऐसे में नाम आता है Dr. Vinay Bajrangi काजो एक प्रसिद्ध वेदिक ज्योतिषी हैं और कई वर्षों से लोगों को उनके विवाह, करियर, स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय जीवन से जुड़ी समस्याओं का समाधान दे रहे हैं।

Dr. Vinay Bajrangi का मानना है कि ज्योतिष केवल भविष्य बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक मार्गदर्शन का विज्ञान है। उनकी ज्योतिषीय सलाह कुंडली विश्लेषणदशागोचर अध्ययन, और कर्म सिद्धांत पर आधारित होती है। उन्होंने हजारों लोगों को जीवन में सही दिशा दिखाने में मदद की है।

सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें

1.    अनुभव और योग्यता (Experience & Qualification):
किसी भी ज्योतिषी का चयन करते समय सबसे पहले उसके अनुभव और ज्ञान को देखें। अनुभवी ज्योतिषी कुंडली के हर पहलू को गहराई से समझते हैं।

2.    विशेषज्ञता (Specialization):
अगर आपको विवाह, करियर या स्वास्थ्य से संबंधित समस्या है, तो ऐसे ज्योतिषी को चुनें जो उस क्षेत्र में विशेषज्ञ हों, जैसे Dr. Vinay Bajrangi

3.    ईमानदारी और पारदर्शिता (Transparency):
अच्छा ज्योतिषी कभी डर या भ्रम फैलाकर समाधान नहीं देता। वह केवल तथ्यों और ग्रहों की स्थिति के आधार पर सलाह देता है।

4.    ऑनलाइन रिव्यू और टेस्टिमोनियल (Reviews & Feedback):
आज के डिजिटल युग में किसी ज्योतिषी की प्रतिष्ठा को जानने के लिए उनके ऑनलाइन रिव्यू पढ़ें। यह आपको सही निर्णय लेने में मदद करेगा।

ज्योतिषीय उपाय जो जीवन में सुधार ला सकते हैं

·  मंत्र जप (Mantra Chanting): ग्रहों को शांत करने के लिए विशेष मंत्रों का जप करें।

·  दान और सेवा (Charity): ग्रहों की शांति के लिए संबंधित वस्तुओं का दान करें।

·  रत्न धारण (Gemstone Therapy): योग्य ज्योतिषी से सलाह लेकर उपयुक्त रत्न पहनें।

·  व्रत और पूजा (Fasting & Pooja): ग्रहों की कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत और पूजा करें।

Dr. Vinay Bajrangi इन उपायों को केवल कुंडली के अनुसार ही सुझाते हैं ताकि उनका प्रभाव अधिकतम हो और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. क्या ज्योतिष से विवाह या करियर की समस्या का समाधान संभव है?
हाँवेदिक ज्योतिष आपकी कुंडली के आधार पर यह बता सकता है कि जीवन में कौनसी समस्या क्यों रही है और उसके क्या समाधान हैं।

Q2. Dr. Vinay Bajrangi क्यों प्रसिद्ध हैं?
Dr. Vinay Bajrangi 
अपनी सटीक भविष्यवाणियों और गहन कुंडली विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं। वे जीवन की हर समस्या का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समाधान बताते हैं।

Q3. क्या ऑनलाइन ज्योतिषी से सलाह लेना उचित है?
यदि ज्योतिषी विश्वसनीय और अनुभवी हो, तो ऑनलाइन ज्योतिष सलाह लेना बिल्कुल सुरक्षित और प्रभावी है।

Q4. क्या ज्योतिषीय उपाय तुरंत असर करते हैं?
कुछ उपायों का असर तुरंत दिखाई देता है, जबकि कुछ का परिणाम धीरेधीरे आता है। यह आपकी कुंडली और ग्रहों की दशा पर निर्भर करता है।

Q5. क्या ज्योतिष से जीवन में स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है?
हाँ, अगर उपाय सही ज्योतिषी की सलाह से किए जाएँ, तो जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव संभव है।

निष्कर्ष (Conclusion)

जीवन में आने वाली हर कठिनाई का समाधान संभव हैबस ज़रूरत है सही मार्गदर्शन की। एक सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी जैसे Dr. Vinay Bajrangi आपकी कुंडली का सटीक विश्लेषण करके आपको जीवन की दिशा दिखा सकते हैं। चाहे वह विवाहकरियर, या स्वास्थ्य की समस्या हो, सही ज्योतिषीय सलाह से आप अपने भविष्य को संवार सकते हैं।

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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स्वास्थ्य ज्योतिष: कुंडली में छुपा है रोग-मृत्यु का रहस्य https://kundlihindi.com/blog/specific-diseases-in-birth-chart/ https://kundlihindi.com/blog/specific-diseases-in-birth-chart/#respond Fri, 20 Dec 2024 04:58:00 +0000 https://kundlihindi.com/?p=3258 स्वास्थ्य और जीवन की दीर्घायु हर व्यक्ति की प्राथमिकता होती है। चाहे किसी भी उम्र के हों, हर इंसान चाहता है कि उसका शरीर स्वस्थ रहे और वह लंबा जीवन जिए। लेकिन कई बार जीवन में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं अचानक सामने आ जाती हैं, जिनके कारणों को समझना मुश्किल होता है। ऐसी परिस्थितियों में...

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स्वास्थ्य और जीवन की दीर्घायु हर व्यक्ति की प्राथमिकता होती है। चाहे किसी भी उम्र के हों, हर इंसान चाहता है कि उसका शरीर स्वस्थ रहे और वह लंबा जीवन जिए। लेकिन कई बार जीवन में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं अचानक सामने जाती हैं, जिनके कारणों को समझना मुश्किल होता है। ऐसी परिस्थितियों में वैदिक ज्योतिष केवल समस्याओं का कारण बताती है बल्कि उनके समाधान भी प्रदान करती है। स्वास्थ्य ज्योतिष/health astrology के अनुसार, हर व्यक्ति की जन्म कुंडली में रोग और मृत्यु से जुड़े संकेत छिपे होते हैं। आइए, इस विषय को विस्तार से समझते हैं।

जन्म कुंडली में रोग का समय

ज्योतिष में जन्म कुंडली को व्यक्ति के स्वास्थ्य का आईना माना गया है। इसमें रोगों और स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत छठे, आठवें और बारहवें भाव से मिलता है। इन भावों में स्थित ग्रह और उनकी दशा, महादशा, और गोचर से रोगों के समय और प्रकार का अनुमान लगाया जा सकता है।

छठा भाव (षष्ठ भाव)

छठा भाव रोग, शत्रु, और ऋण का भाव माना जाता है। इस भाव में स्थित ग्रह किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव डालते हैं।

1.    राहु और केतु: राहु छठे भाव में मानसिक तनाव, पेट के रोग और विषाक्तता जैसी समस्याएं उत्पन्न करता है। केतु त्वचा और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकता है।

2.    शनि: यदि छठे भाव में शनि स्थित हो, तो व्यक्ति को पुराने रोग और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

3.    मंगल: यह ग्रह छठे भाव में हो तो चोट, दुर्घटना या सर्जरी की संभावना बढ़ जाती है।

आठवां भाव (अष्टम भाव)

आठवां भाव मृत्यु, आयु और गंभीर बीमारियों से जुड़ा है।

·  यदि इस भाव में राहु, शनि, या मंगल हो, तो व्यक्ति को दीर्घकालिक या जानलेवा बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

·  गुरु या चंद्रमा इस भाव में हों, तो व्यक्ति को अचानक स्वास्थ्य लाभ या चमत्कारी उपचार मिल सकता है।

बारहवां भाव (द्वादश भाव)

बारहवां भाव अस्पताल, इलाज और खर्च से जुड़ा है।

·  यदि इस भाव में सूर्य या मंगल हो, तो व्यक्ति को अस्पताल जाने की स्थिति बन सकती है।

·  शुक्र या बुध इस भाव में हो तो व्यक्ति को अच्छी चिकित्सा सुविधाएं मिलती हैं।

रोग से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए ज्योतिषीय उपाय बहुत कारगर हो सकते हैं। ये उपाय ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने और स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायक होते हैं।

ग्रहों के अनुसार उपाय

1.    मंगल के उपाय:

o    मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।

o    रक्तदान करें और लाल वस्त्र धारण करें।

o    मसूर की दाल का दान करें।

2.    राहु और केतु के उपाय:

o    शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

o    राहुकेतु शांति यज्ञ करवाएं।

o    काले तिल और नारियल का दान करें।

3.    शनि के उपाय:

o    शनिवार को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं।

o    शनि मंत्र का जाप करें: “ शं शनैश्चराय नमः।

o    काले कपड़े और लोहे का दान करें।

4.    चंद्रमा के उपाय:

o    सोमवार को शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं।

o    चंद्रमा को मजबूत करने के लिए चावल का दान करें।

o    सोमाय नमःमंत्र का जाप करें।

5.    सूर्य के उपाय:

o    हर सुबह सूर्य को जल अर्पित करें।

o    सूर्याय नमःमंत्र का जाप करें।

o    गुड़ और गेहूं का दान करें।

हर तरह के रोग क्लेश दूर करने का आसान उपाय

महामृत्युंजय मंत्र को स्वास्थ्य और रोगों से बचाव के लिए सबसे शक्तिशाली माना गया है। इस मंत्र के जाप से व्यक्ति को केवल स्वास्थ्य लाभ होता है, बल्कि मानसिक शांति और दीर्घायु भी प्राप्त होती है।

·  मंत्र:
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।

मंत्र जाप के फायदे:

·  मानसिक तनाव कम होता है।

·  रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है।

·  नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।

अन्य उपाय

1.    नियमित रूप से योग और प्राणायाम करें।

2.    आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों का सेवन करें।

3.    सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली अपनाएं।

निष्कर्ष

स्वास्थ्य ज्योतिष व्यक्ति के स्वास्थ्य से जुड़े रहस्यों को जानने का एक शक्तिशाली माध्यम है। कुंडली में छठे, आठवें और बारहवें भाव और ग्रहों की स्थिति को देखकर केवल रोगों का पता लगाया जा सकता है, बल्कि उनके समाधान भी खोजे जा सकते हैं। ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को सुधार सकता है और एक संतुलित, सुखी जीवन जी सकता है।

यदि आप या आपका कोई प्रियजन स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहा है, तो किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श लें और अपनी कुंडली का गहन विश्लेषण करवाएं। यह केवल आपकी समस्याओं का समाधान करेगा, ज्योतिष के अनुसार आपका जीवन काल कितना होगा, बल्कि आपके जीवन को नई दिशा देने में भी सहायक होगा।

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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जानिए कैसे आपकी कुंडली आपके स्वास्थ्य का अनुमान लगा सकती है https://kundlihindi.com/blog/kundli-health-ka-anuman-kaise-laga-sakte-hai/ https://kundlihindi.com/blog/kundli-health-ka-anuman-kaise-laga-sakte-hai/#respond Sat, 11 May 2024 09:04:57 +0000 https://kundlihindi.com/?p=2658 होगा वही जो लिखा है  किस्मत में – हम सबने ये बात कई बार सुनी है।  और बहुत लोग किस्मत और कर्म चक्र को मानते भी हैं।  और क्यों नहीं।  इस सृष्टि में ऐसा कुछ नहीं है जो कर्मफल एवं ग्रहों तथा नक्षत्रों की चाल से बाहर है।  हम इंसानों का तो सारा जीवन ही...

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होगा वही जो लिखा है  किस्मत में – हम सबने ये बात कई बार सुनी है।  और बहुत लोग किस्मत और कर्म चक्र को मानते भी हैं।  और क्यों नहीं।  इस सृष्टि में ऐसा कुछ नहीं है जो कर्मफल एवं ग्रहों तथा नक्षत्रों की चाल से बाहर है।  हम इंसानों का तो सारा जीवन ही ग्रहों एवं नक्षत्रों से प्रभावित रहता है।  और इन प्रभावों को आंकने का सबसे अच्छा तरीका होता है – जन्म कुंडली का निरिक्षण।  जी हाँ, जन्म कुंडली को देख कर, एक वैदिक ज्योतिष ज्ञाता आपको आपकी ज़िन्दगी से जुड़े हर पक्ष के बारे में बता सकता है।  आपकी सेहत एवं स्वस्थ्य कैसा है, कैसा होगा, कोई रोग होने वाला है, या आप रोग से उभर चुके हो, इन सब प्रश्नों का उत्तर छिपा होता है कुंडली में।

तो आज हम आपको बताएंगे कुंडली में स्वस्थ्य सम्बन्धी प्रश्नों को कैसे जाने। कौन सा ग्रह आपको रोग मुक्ति दिला सकता है, अथवा कौन से भाव से पा सकते हैं आप अपने स्वस्थ्य सम्बन्धी प्रश्नों के उत्तर।  जानिए हमसे।

स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के लिए करें ज्योतिषी से परामर्श

कुंडली के लग्नेश भाव की दशा बता सकती है, स्वस्थ्य संबंधी प्रश्नों के उत्तर।  जी हाँ, एक अच्छा ज्योतिषी, हमेशा कुंडली की उसी भाव पे ध्यान देता है जहाँ लग्नेश हों।  वैदिक ज्योतिष के ज्ञाता – डॉ. विनय बजरंगी के अनुसार, अगर आपका लग्न मेष है और मंगल विकृत स्थिति में है तो ये स्थिति जातक को सरदर्द अथवा रक्तचाप सम्ब्नधि समस्याओं से पीड़ित रखता है। इसके विपरीत, यदि आपका लग्न वृषभ है और इसका स्वामी शुक्र कुंडली के पांचवें भाव में हैं, तो संभवतः आप पेट के दर्द सम्बन्धी बीमारी से जूझेंगे।

तो, इस तरह हर राशि के लग्न का स्वस्थ्य पर अलग अलग प्रभाव देखने को मिलता है, और जब आप एक अच्छे स्वास्थ्य ज्योतिषी से परामर्श करते हैं, तो वो आपकी कुंडली का अच्छे से विचरण करके आपको अवगत करा सकता है, की आपको कौन से बिमारियों से जूझना होगा और क्या उपाय करके, इनका असर कम कर सकते हो।

 क्यों लें स्वास्थ्य ज्योतिष का साथजानिए कारण और लाभ

अच्छा स्वास्थय एक इंसान को सफल होने में मदद करता है।  अच्छा एवं रोग मुक्त स्वास्थय इंसान के लिए सबसे बड़ी भगवान् की दें होती है।  लेकिन हर इंसान स्वास्थय के मामले में एक बराबर भाग्यशाली नहीं होता।  पर कभी आपने सोचा है की आखिर क्यों सब बराबर भाव से अच्छा स्वास्थ्य का आनंद नहीं ले सकते।  यहाँ भूमिका निभाते हैं व्यक्ति के ग्रह और नक्षत्र।  जी हाँ, क्योंकि हमारी कुंडली इन सभी ग्रहों एवं नक्षत्रों की स्थिति जानने का इकलौता माध्यम है तो स्वस्थ्य ज्योतिष के द्वारा,आप पा सकते हैं स्वस्थ्य से जुड़े अपने हर प्रश्न का उत्तर।

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के विद्वान ज्योतिषी से परामर्श करके आप अपने रोगों को अगर जड़ से नहीं तो कम से कम तकलीफ को कम कर सकते हैं।  आपकी कुंडली पढ़ कर एक ज्योतिषशास्त्री बता सकता है की आखिर कितने समय तक आपको अपनी वर्तमान स्थिति को झेलना होगा।  और कब पा सकेंगे आप निवारण।  अगर कोई उपाय किये जाने से आपका स्वस्थ्य  सही हो सकता है, तो वो भी आपकी कुंडली के द्वारा ही बताया जा सकता है।  तो यही कारण है, की यदि आप अपने स्वस्थ्य को लेकर परेशानियों से गुज़र रहे हैं तो आज ही मिलें एक स्वस्थ्य ज्योतिष/Health Astrology के अनुभवी ज्योतिषी से।

कुंडली में लग्न एवं लग्नेश की स्थिति बताती है कैसा रहेगा आपका स्वास्थ्य

लग्न एवं लग्नेश का बहुत ही गहरा असर होता है एक जातक की ज़िन्दगी से।  तो जब बात करते हैं सेहत या स्वास्थ्य की, तो वैदिक ज्योतिष कुंडली के इन्ही भागों को ध्यान करने के लिए कहता है।  इसका अर्थ है की एक जानकार ज्योतिषी आपकी कुंडली के लग्न एवं लग्नेश की मज़बूत स्थिति से बता  सकता है की आप रोग मुक्त जीवन जियेंगे।  इसके विपरीत यदि लग्न एवं लग्नेश कमज़ोर अवस्था में हों तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए बुरा संकेत देते हैं।

इसके साथ साथ, छठे, आठवें एवं बारहवें भाव को भी अच्छे से देखा जाता है लग्नेश एवं लग्न के साथ यदि आप अपनी अगर आप स्वास्थ्य समस्याओं का जवाब जानना चाहते हैं तो आप हमारे साथ हेल्थ प्रेडिक्शन के लिए ऑनलाइन रिपोर्ट भी ले जा सकते हैं।। चाहे लग्न या लग्नेश – दोनों में से एक भी यदि इन भावों से जुड़ें तो सम्भवता ये आपकी स्वस्थ्य को प्रभावित करेगा।

ग्रहों का प्रभाव और आपका स्वास्थय

जैसा का ग्रह मंडल 9 ग्रहों से बनता है, स्वस्थ्य के बारे में कुछ भी जानने के लिए, एक अच्छा स्वास्थ्य ज्योतिष, इन्ही ग्रहों की स्थिति को देखता है आपकी कुंडली में।  जानिये किस ग्रह के प्रभावानुसार आप किस रोग से ग्रस्त हो सकते है।

  • यदि आपकी कुंडली में सूर्य ग्रह पीड़ित अवस्था अथवा कमज़ोर अवस्था में हों तो सम्भवता आप घाव, चोट जैसी परेशानिओं को झेल सकते हैं। इसके साथ साथ, सूर्य की ये स्थिति जातक के हृदय रोग एवं पेट अथवा पित्त रोग की तरफ भी इशारा करती है।  ऐसे जातकों को दायीं आँख में कोई दिक्कत हो सकती है।
  • चन्द्रमा की कमज़ोर स्थिति जातक के रक्त, दिमाग, स्त्रियों के मासिकधर्म की समस्याओं, छाती, एवं बाईं आँख सम्बन्धी समस्याओं की तरफ संकेत करता है।
  • यदि कुंडली में मंगल की स्थिति अच्छी नहीं है तो ये जातक के जलने, उच्च रक्तचाप, घाव, आकस्मिक दुर्घटना, गर्भपात एवं शल्य क्रिया सम्बन्धी शारीरिक समस्याओं की और संकेत करता है।
  • बुध का पीड़ित होना एक जातक का फेफड़े, कान, आवाज़, नाक और गले सम्बन्धी दिक्कतों के बारे में बताता है।
  • पीड़ित गुरु कान, शारिरिक चर्बी बढ़ना एवं मधुमेह जैसे रोगो की तरफ इशारा करता है।
  • शुक्र की कमज़ोर स्थिति गुप्त रोगों, पथरी, आंत, आँख एवं मूत्र में तकलीफ या जलन जैसे रोगों का संकेत देता है।
  • शनि का दुष्प्रभाव जातक को नसों संबंधी रोगों, थकान एवं लकवा जैसी बिमारियों से पीड़ित रखता है।
  • राहु की पीड़ित स्थिति जातक को हड्डियों के रोगों से दुखी रखता है।
  • केतु की कमज़ोर स्थिति जातक को आंत, हकलाना अथवा बोलने में परेशानी जैसे दिकत्तों से परेशान रखता है।

तो इस तरह हम देखते हैं की कैसे ग्रहों एवं नक्षत्रों का अच्छा एवं बुरा प्रभाव हमारी कुंडली/Kundali में दर्शा सकता है हमे होने वाले शारिरिक परेशानीओं के बारे में।  तो अच्छे कुंडली के ज्ञाता से मिल कर आप न सिर्फ ग्रहों एवं नक्षत्रों की दशा जान सकते हो, बल्कि उपाय जान कर इन दिक्कतों से उभर भी सकते हो।

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