Marriage Timing Archives - KundliHindi https://kundlihindi.com/tag/marriage-timing/ My WordPress Blog Sat, 03 Jan 2026 06:28:42 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://i0.wp.com/kundlihindi.com/wp-content/uploads/2022/11/cropped-kundlihindi.png?fit=32%2C32&ssl=1 Marriage Timing Archives - KundliHindi https://kundlihindi.com/tag/marriage-timing/ 32 32 214685846 अगर आपके जीवनसाथी की कुंडली नहीं मिलती तो क्या करें: शीर्ष 5 उपाय https://kundlihindi.com/blog/top-5-kundli-match-na-karne-ke-upay/ https://kundlihindi.com/blog/top-5-kundli-match-na-karne-ke-upay/#respond Sat, 03 Jan 2026 06:26:11 +0000 https://kundlihindi.com/?p=4477 विवाह ज्योतिष में कुंडली मिलान का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, विशेष रूप से वैदिक परंपरा में, जहाँ कुंडली मिलान को वैवाहिक सुख और सामंजस्य की आधारशिला माना जाता है। जब कुंडली मिलान में अंक कम आते हैं या असंगतियाँ दिखाई देती हैं, तो कई दंपति चिंतित हो जाते हैं। लेकिन कुंडली का न मिलना अपने...

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विवाह ज्योतिष में कुंडली मिलान का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, विशेष रूप से वैदिक परंपरा में, जहाँ कुंडली मिलान को वैवाहिक सुख और सामंजस्य की आधारशिला माना जाता है। जब कुंडली मिलान में अंक कम आते हैं या असंगतियाँ दिखाई देती हैं, तो कई दंपति चिंतित हो जाते हैं। लेकिन कुंडली का मिलना अपने आप में असफल विवाह का संकेत नहीं होता। ज्योतिष में गहन विश्लेषण और व्यावहारिक उपाय उपलब्ध हैं, जो दंपतियों को स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में मदद करते हैं।

अनुभवी ज्योतिषियों जैसे विनय बजरंगी के अनुसार, कुंडली मिलान को यांत्रिक रूप से नहीं, बल्कि समग्र दृष्टिकोण से समझना चाहिए। नीचे बताए गए हैं वे शीर्ष 5 कार्य, जिन्हें अपनाना चाहिए यदि आपके जीवनसाथी की कुंडली नहीं मिलती, और जिन्हें ज्योतिषीय तर्क एवं वास्तविक जीवन की प्रासंगिकता के साथ समझाया गया है।

कुंडली मिलने के लिए 5 प्रमुख बातें

1. कुंडली मिलान में केवल गुण मिलान अंकों तक सीमित रहें

अधिकांश लोग कुंडली मिलान को केवल 36 में से प्राप्त अंकों के आधार पर आंकते हैं। गुण मिलान महत्वपूर्ण है, लेकिन यही विवाह की सफलता का अंतिम निर्णय नहीं है। कई ऐसे सफल विवाह हैं जिनमें कुंडली मिलान के अंक कम रहे हैं।

एक विस्तृत कुंडली मिलान विश्लेषण में निम्न बातों को शामिल किया जाना चाहिए:

  • सप्तम भाव (विवाह भाव) की स्थिति और शक्ति
  • शुक्र और गुरु की स्थिति (विवाह के कारक ग्रह)
  • चंद्र राशि की संगतता और भावनात्मक तालमेल
  • विवाह के समय की दशाअंतरदशा

कई मामलों में, कुंडली मिलान/kundali Matching में समस्या केवल छोटे गुण दोषों के कारण दिखाई देती है, जिनका दीर्घकालिक प्रभाव नहीं होता। एक अनुभवी ज्योतिषी यह मूल्यांकन करता है कि असंगतियाँ वास्तव में प्रभावी हैं या केवल सैद्धांतिक।

यह गहन विश्लेषण अक्सर यह स्पष्ट करता है कि कम कुंडली मिलान अंकों के बावजूद संबंध स्थिर और सुरक्षित है।

2. मांगलिक दोष की संगतता की सही जाँच करें

मांगलिक दोष विवाह ज्योतिष का सबसे अधिक गलत समझा जाने वाला विषय है। कुंडली में मंगल की एक स्थिति मात्र से वैवाहिक समस्याएँ उत्पन्न हों, यह आवश्यक नहीं है। मांगलिक दोष की तीव्रता, उसका शमन और दोनों कुंडलियों में उसकी उपस्थिति का सही मूल्यांकन जरूरी है।

जाँच के प्रमुख बिंदु:

  • मांगलिक दोष का प्रकार और उसकी तीव्रता
  • ग्रह दृष्टियों से मांगलिक दोष का शमन
  • क्या दोनों जातक मांगलिक हैं (मांगलिकमांगलिक संतुलन)
  • मंगल ग्रह की शक्ति और शुभ प्रभाव

कई कुंडली मिलान रिपोर्ट बिना अपवादों को देखे व्यक्ति को मांगलिक घोषित कर देती हैं। विनय बजरंगी के अनुसार, 60% से अधिक मांगलिक मामलों में दोष या तो हल्का होता है या स्वाभाविक रूप से समाप्त हो जाता है।

यदि मांगलिक दोष मौजूद हो लेकिन संतुलित हो, तो विवाह बिना किसी जोखिम के किया जा सकता है, चाहे उपाय किए जाएँ या नहीं।

3. कुंडली अस्वीकार करने के बजाय विवाह के समय का विश्लेषण करें

विवाह का समय कुंडली मिलान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण, लेकिन अक्सर अनदेखा किया जाने वाला पक्ष है। कई बार कुंडली मिलान इसलिए नकारात्मक लगता है क्योंकि विवाह प्रतिकूल ग्रह दशा में हो रहा होता है।

विवाह समय विश्लेषण में शामिल हैं:

  • दशा और अंतरदशा की अनुकूलता
  • गुरु और शनि के गोचर
  • सप्तम भाव या उसके स्वामी की सक्रियता
  • नवांश कुंडली (डी-9 चार्ट) की पुष्टि

यदि विवाह का समय कमजोर हो, तो अच्छी तरह से मिली कुंडलियों में भी विलंब या गलतफहमियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। वहीं, कम मिलान वाली कुंडली भी अनुकूल ग्रह काल में विवाह होने पर अच्छा परिणाम दे सकती है।

सटीक जीवनसाथी भविष्यवाणी तभी संभव है जब संगतता के साथ विवाह समय का भी मूल्यांकन किया जाए।

4. करियर और आर्थिक संगतता का मूल्यांकन करें

विवाह की सफलता में आर्थिक स्थिरता और करियर प्रगति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए कुंडली मिलान में करियर भविष्यवाणी को अवश्य शामिल किया जाना चाहिए।

विश्लेषण के मुख्य बिंदु:

  • करियर की दिशा और आय की स्थिरता
  • विवाह के बाद की आर्थिक जिम्मेदारियाँ
  • धन भावों पर ग्रहों का प्रभाव
  • पेशेवर विकास में पारस्परिक सहयोग

आधुनिक विवाहों में आर्थिक समझ उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना भावनात्मक तालमेल। यदि कुंडली मिलान औसत है, लेकिन करियर संगतता मजबूत है, तो यह अन्य कमियों को संतुलित कर सकती है।

आज की विवाह ज्योतिष को केवल पारंपरिक अंकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वास्तविक जीवन की जिम्मेदारियों को भी प्रतिबिंबित करना चाहिए।

5. ज्योतिषीय उपाय केवल आवश्यकता होने पर ही करें

ज्योतिषीय उपाय कभी भी बिना सही निदान के नहीं करने चाहिए। उपाय तभी प्रभावी होते हैं जब वे सटीक समस्या के आधार पर किए जाएँ। यदि कुंडली मिलान में वास्तविक दोषजन्य जोखिम दिखाई दे, तो प्रमाणित ज्योतिषीय उपाय नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं।

सामान्य उपायों में शामिल हैं:

  • विशेष मंत्रों का जाप
  • ग्रह असंतुलन के अनुसार दान
  • सलाह अनुसार व्रत का पालन
  • सत्यापन के बाद रत्न धारण

विनय बजरंगी इस बात पर जोर देते हैं कि उपाय व्यक्तिगत और समयबद्ध होने चाहिए। अत्यधिक उपाय करने से समाधान की बजाय भ्रम उत्पन्न हो सकता है।

एक पेशेवर ज्योतिषी यह तय करता है कि उपाय आवश्यक हैं या नहीं, जिससे मार्गदर्शन विश्वसनीय और नैतिक बना रहता है।

केवल कुंडली मिलान से विवाह का निर्णय क्यों नहीं होना चाहिए

कुंडली मिलान एक साधन है, अंतिम निर्णय नहीं। भावनात्मक परिपक्वता, संवाद और समान मूल्य भी विवाह की सफलता को निर्धारित करते हैं। ज्योतिष निर्णय लेने में सहायता करता है, लेकिन व्यावहारिक समझ का स्थान नहीं ले सकता।

संतुलित दृष्टिकोण में शामिल होना चाहिए:

  • कुंडली मिलान से प्राप्त संकेत
  • मानसिक और भावनात्मक संगतता
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि का तालमेल
  • व्यक्तिगत जीवन लक्ष्य

ज्योतिष तब सबसे अच्छा कार्य करता है जब उसका उपयोग अनुभव और संदर्भ के साथ जिम्मेदारी से किया जाए।

कुंडली मिलान में विशेषज्ञ मार्गदर्शन की भूमिका

ऑनलाइन कुंडली मिलान टूल स्वचालित परिणाम देते हैं, लेकिन उनमें व्याख्या की गहराई नहीं होती। सटीक जीवनसाथी भविष्यवाणी के लिए विशेषज्ञ विश्लेषण आवश्यक है।

विनय बजरंगी जैसे ज्योतिषी भरोसा करते हैं:

  • वैदिक ज्योतिष में दशकों के अनुभव पर
  • केसआधारित विवाह भविष्यवाणियों पर
  • समग्र कुंडली मूल्यांकन पर
  • नैतिक और गैरभयकारी परामर्श पर

FAQs

क्या कुंडली मिलान कम होने पर विवाह संभव है?
हाँ। यदि प्रमुख दोष हों और विवाह का समय अनुकूल हो, तो कम कुंडली मिलान अंकों के बावजूद विवाह सफल हो सकता है।

कुंडली मिलान का कितना स्कोर स्वीकार्य माना जाता है?
सामान्यतः 18 से अधिक अंक स्वीकार्य होते हैं, लेकिन ग्रहों की शक्ति और दोष शमन अंकों से अधिक महत्वपूर्ण होते हैं।

क्या मांगलिक दोष हमेशा विवाह में समस्या करता है?
नहीं। मांगलिक दोष की तीव्रता अलगअलग होती है और कई बार यह स्वाभाविक रूप से समाप्त हो जाता है। सही मूल्यांकन आवश्यक है।

क्या प्रेम विवाह में कुंडली मिलान को नज़रअंदाज़ किया जा सकता है?
कुंडली मिलान को पूरी तरह नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, बल्कि लचीले दृष्टिकोण से देखना चाहिए। समय सुधार और आवश्यक उपायों के साथ प्रेम विवाह सफल होते हैं।

यदि कुंडली नहीं मिलती तो क्या विवाह टालना चाहिए?
विवाह तभी टालना चाहिए जब समय प्रतिकूल हो या गंभीर दोष हों। अन्यथा अनावश्यक विलंब आवश्यक नहीं है।

अंतिम विचार

यदि आपके जीवनसाथी की कुंडली नहीं मिलती, तो इसका अर्थ यह नहीं कि आपका संबंध असफल होने वाला है। ज्योतिष कठोर निर्णयों के बजाय समाधान, स्पष्टता और समय आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है। समग्र कुंडली मिलान/kundli milan, मांगलिक दोष की सही व्याख्या, विवाह समय और करियर संगतता पर ध्यान देकर दंपति सही निर्णय ले सकते हैं।

विनय बजरंगी जैसे अनुभवी ज्योतिषियों पर भरोसा करें, जो वास्तविक जीवन के परिणामों के अनुरूप जिम्मेदार, नैतिक और व्यावहारिक ज्योतिष पर बल देते हैं।

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिएमेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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भाग्यशाली राशियाँ जो 2026 में शादी करने वाली हैं https://kundlihindi.com/blog/lucky-zodiac-signs-who-are-to-get-marriage-in-2026/ https://kundlihindi.com/blog/lucky-zodiac-signs-who-are-to-get-marriage-in-2026/#respond Tue, 30 Dec 2025 07:00:38 +0000 https://kundlihindi.com/?p=4459 ज्योतिष शास्त्र का उपयोग लंबे समय से रिश्तों के समय को समझने के लिए किया जाता रहा है, विशेष रूप से यह जानने के लिए कि मेरा विवाह कब होगा। जैसे–जैसे वर्ष 2026 नज़दीक आ रहा है, कई महत्वपूर्ण ग्रह गोचर ऐसे संकेत दे रहे हैं जो प्रतिबद्धता, दीर्घकालिक साझेदारी और विवाह निर्णयों के लिए...

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ज्योतिष शास्त्र का उपयोग लंबे समय से रिश्तों के समय को समझने के लिए किया जाता रहा है, विशेष रूप से यह जानने के लिए कि मेरा विवाह कब होगा जैसेजैसे वर्ष 2026 नज़दीक रहा है, कई महत्वपूर्ण ग्रह गोचर ऐसे संकेत दे रहे हैं जो प्रतिबद्धता, दीर्घकालिक साझेदारी और विवाह निर्णयों के लिए अनुकूल माने जा रहे हैं।

विवाह ज्योतिष निश्चित परिणामों का वादा नहीं करता। यह ग्रह दशाओं, गोचरों और भावनात्मक परिपक्वता का मूल्यांकन करता है। सही तरीके से विश्लेषण करने पर यह विवाह के समय और रिश्तों की स्थिरता को लेकर व्यावहारिक संकेत देता है। यह लेख 2026 में विवाह के प्रबल योग वाली राशियों और विवाह के दृष्टिकोण से 2026 की सबसे भाग्यशाली राशि को उजागर करता है।

विवाह निर्णयों के लिए वर्ष 2026 का राशिफल क्यों महत्वपूर्ण है

2026 का राशिफल भावनात्मक परिपक्वता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता की ओर संकेत करता है। इस वर्ष बृहस्पति, शुक्र और शनि ग्रह विवाह से जुड़े परिणामों को विशेष रूप से प्रभावित करते हैं।

ज्योतिषीय दृष्टि से 2026 इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:

  • बृहस्पति रिश्तों में दीर्घकालिक निर्णय और विस्तार का समर्थन करता है
  • शुक्र प्रेम, आकर्षण और भावनात्मक जुड़ाव को प्रभावित करता है
  • शनि विवाह से पहले स्थिरता और जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करता है

इन ग्रहों की संयुक्त ऊर्जा अस्थायी भावनाओं के बजाय गंभीर और स्थायी संबंधों का समर्थन करती है।

 2026 में विवाह के योग वाली राशियाँ

विवाह ज्योतिष के रुझानों के आधार पर निम्नलिखित राशियों में 2026 में विवाह के प्रबल संकेत दिखाई देते हैं।

1. वृषभ राशि (20 अप्रैल – 20 मई)

वृषभ राशि 2026 में विवाह के लिए सबसे मजबूत राशियों में से एक मानी जा रही है। शुक्र द्वारा शासित होने के कारण वृषभ जातक स्वभाव से भावनात्मक सुरक्षा और आजीवन प्रतिबद्धता की चाह रखते हैं। वर्ष के ग्रह योग रिश्तों में स्थिरता और औपचारिक बंधन के पक्ष में हैं।

2026 में वृषभ के विवाह योग मजबूत होने के कारण:

  • अनुकूल शुक्र प्रभाव से भावनात्मक सामंजस्य बढ़ता है
  • बृहस्पति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का समर्थन करता है
  • जीवन में बसने की प्रबल इच्छा

कई वृषभ जातक लंबे समय से चल रहे रिश्तों को विशेषकर मध्य 2026 में विवाह में बदल सकते हैं।

2. कर्क राशि (21 जून – 22 जुलाई)

कर्क राशि 2026 परिवार, भावनाओं और गृहस्थ जीवन से गहराई से जुड़ी होती है। 2026 का राशिफल कर्क जातकों को भावनात्मक स्पष्टता प्रदान करता है, जिससे यह वर्ष विवाह के लिए अनुकूल बनता है।

कर्क राशि के विवाह संकेत:

  • भावनात्मक परिपक्वता निर्णय क्षमता को मजबूत करती है
  • सहायक ग्रह दशाएँ विश्वास और जुड़ाव बढ़ाती हैं
  • पारिवारिक स्थिरता पर ध्यान केंद्रित होता है

कर्क राशि के लिए 2026 में विवाह सामाजिक दबाव से अधिक भावनात्मक संतोष से जुड़ा रहेगा।

3. मीन राशि (19 फरवरी – 20 मार्च)

2026 में मीन राशि के जातकों में भावनात्मक संवेदनशीलता और अंतर्ज्ञान की स्पष्टता बढ़ेगी। यह वर्ष सच्चे रिश्तों और दीर्घकालिक अनुकूलता को पहचानने के लिए अनुकूल है।

मीन राशि के विवाह योग:

  • जीवनसाथी से गहरा भावनात्मक जुड़ाव
  • बृहस्पति का प्रभाव गंभीर प्रतिबद्धता को बढ़ावा देता है
  • विवाह में आध्यात्मिक और भावनात्मक सामंजस्य की चाह

मीन जातक ऐसे रिश्तों को विवाह में बदल सकते हैं जो भावनात्मक रूप से स्थिर और सार्थक हों।

4. तुला राशि (23 सितंबर – 22 अक्टूबर)

शुक्र द्वारा शासित तुला राशि स्वभाव से साझेदारी की ओर झुकी रहती है। 2026 का राशिफल रिश्तों में संतुलन और स्पष्टता लाता है, जिससे विवाह की संभावना मजबूत होती है।

तुला राशि के विवाह रुझान:

  • संवाद और आपसी समझ में सुधार
  • समानता और प्रतिबद्धता पर अधिक ध्यान
  • सगाई या विवाह के लिए अनुकूल समय

2026 में तुला राशि जातकों के विवाह निर्णय संतुलित और सोचसमझकर लिए गए होंगे।

5. मकर राशि (22 दिसंबर – 19 जनवरी)

मकर राशि 2026 विवाह को गंभीरता और जिम्मेदारी से देखती है। 2026 में ग्रहों का सहयोग भावनात्मक तैयारी को व्यावहारिक योजना के साथ जोड़ता है।

मकर राशि के पक्ष में कारण:

  • शनि दीर्घकालिक स्थिरता और योजना का समर्थन करता है
  • बृहस्पति निजी जीवन में विस्तार लाता है
  • भविष्य की सुरक्षा पर मजबूत ध्यान

मकर जातक आमतौर पर तभी विवाह का निर्णय लेते हैं जब भावनात्मक और आर्थिक आधार मजबूत हों, जिससे 2026 उपयुक्त बनता है।

6. कन्या राशि (23 अगस्त – 22 सितंबर)

2026 में कन्या राशि के जातकों में भावनात्मक समझ और संवाद क्षमता बेहतर होगी, जिससे विवाह की संभावना मजबूत होती है।

कन्या राशि के विवाह संकेत:

  • भावनात्मक संतुलन में सुधार
  • प्रतिबद्धता के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण
  • औपचारिक रिश्तों के लिए अनुकूल ग्रह समय

कन्या जातक जल्दबाजी के बजाय सोचसमझकर विवाह का निर्णय ले सकते हैं।

2026 में मेरा विवाह कब होगा?

बहुत से लोग पूछते हैं मेरा विवाह कब होगा, लेकिन ज्योतिष एक सार्वभौमिक तिथि नहीं बताता। इसके बजाय यह अनुकूल समयावधियों की ओर संकेत करता है।

2026 में विवाह के लिए अनुकूल समय:

  • मध्य वर्ष (मई से अगस्त): बृहस्पति प्रतिबद्धता के निर्णयों को समर्थन देता है
  • शुक्र वक्री के बाद का समय: रिश्तों में स्पष्टता बढ़ती है
  • वर्ष का अंतिम चरण: पृथ्वी और जल तत्व राशियों के लिए भावनात्मक स्थिरता

जन्म कुंडली में सटीक विवाह समय के लिए आवश्यक होती है, लेकिन ये समय सामान्य रूप से सहयोगी माने जाते हैं।

विवाह के लिए 2026 की सबसे भाग्यशाली राशि

ग्रहों की शक्ति, रिश्तों में सामंजस्य और समय संकेतों के आधार पर वृषभ राशि को 2026 की सबसे भाग्यशाली राशि माना जाता है, विशेष रूप से विवाह के संदर्भ में।

वृषभ को सबसे भाग्यशाली क्यों माना जाता है:

  • शुक्र का मजबूत प्रभाव रिश्तों में सामंजस्य बढ़ाता है
  • बृहस्पति दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करता है
  • सफल और स्थायी विवाह की संभावना अधिक

भाग्यशाली होने का अर्थ बिना प्रयास के परिणाम नहीं, लेकिन वृषभ जातकों को प्रेम और विवाह में अपेक्षाकृत सहज प्रगति मिल सकती है।

विवाह ज्योतिष और विवाह का समय

विवाह ज्योतिष में निम्न बातों का विश्लेषण किया जाता है:

  • सप्तम भाव की स्थिति
  • शुक्र और बृहस्पति की भूमिका
  • दशा और गोचर
  • भावनात्मक तैयारी और जीवन की स्थिरता

जब ग्रह सहयोग और व्यक्तिगत तैयारी साथ होती है, तब विवाह का समय अधिक अनुकूल बनता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

2026 में किन राशियों के विवाह योग हैं?
वृषभ, कर्क, मीन, तुला, मकर और कन्या राशि में 2026 में विवाह के प्रबल योग हैं।

क्या 2026 विवाह के लिए अच्छा वर्ष है?
हाँ, 2026 प्रतिबद्धता, भावनात्मक परिपक्वता और दीर्घकालिक संबंधों के लिए अनुकूल है।

ज्योतिष के अनुसार मेरा विवाह कब होगा?
विवाह का समय जन्म कुंडली पर निर्भर करता है, लेकिन 2026 का मध्य और अंतिम भाग अनुकूल माना जाता है।

2026 की सबसे भाग्यशाली राशि कौनसी है?
विवाह और स्थिर संबंधों के लिए वृषभ राशि को 2026 की सबसे भाग्यशाली राशि माना जाता है।

क्या अविवाहित लोगों का 2026 में विवाह हो सकता है?
अनुकूल ग्रह दशाओं में नए रिश्ते बन सकते हैं, लेकिन मानसिक और भावनात्मक तैयारी आवश्यक है।

अंतिम दृष्टिकोण

2026 का राशिफल विवाह के लिए एक मजबूत वर्ष दर्शाता है, विशेष रूप से उन राशियों के लिए जो स्थिरता और भावनात्मक गहराई को महत्व देती हैं। ज्योतिष अनुकूल समय पहचानने में सहायता करता है, लेकिन सफल विवाह समझ, जिम्मेदारी और आपसी सम्मान पर निर्भर करता है।

जो लोग पूछते हैं मेरा विवाह कब होगा, उनके लिए विवाह ज्योतिष समय के संकेत देता है, गारंटी नहीं। अनुभवी ज्योतिषीय विश्लेषण के साथ यह जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में एक व्यावहारिक मार्गदर्शक बन सकता है।

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिएमेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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ज्योतिष के अनुसार 2026 में विवाह के लिए शुभ तारीख क्या है? https://kundlihindi.com/blog/shubh-marriage-muhurat-2026/ https://kundlihindi.com/blog/shubh-marriage-muhurat-2026/#respond Thu, 13 Nov 2025 05:44:44 +0000 https://kundlihindi.com/?p=4233 विवाह भारतीय संस्कृति में केवल एक सामाजिक बंधन नहीं बल्कि एक पवित्र संस्कार माना जाता है। वैदिक परंपरा में यह विश्वास किया जाता है कि जब विवाह शुभ मुहूर्त में किया जाता है, तब जीवन में सुख, शांति और समृद्धि स्थायी होती है। यही कारण है कि हर कोई जानना चाहता है — ज्योतिष के...

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विवाह भारतीय संस्कृति में केवल एक सामाजिक बंधन नहीं बल्कि एक पवित्र संस्कार माना जाता है। वैदिक परंपरा में यह विश्वास किया जाता है कि जब विवाह शुभ मुहूर्त में किया जाता है, तब जीवन में सुख, शांति और समृद्धि स्थायी होती है। यही कारण है कि हर कोई जानना चाहता है
ज्योतिष के अनुसार 2026 में विवाह के लिए शुभ तारीख क्या है?

आइए विस्तार से समझते हैं कि 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त, ग्रहों की चाल, नक्षत्र और कुंडली के योग क्या संकेत दे रहे हैं।

2026 में विवाह के शुभ मुहूर्तवैदिक दृष्टिकोण से

2026 विवाह मुहूर्त पंचांग के अनुसार यह वर्ष विवाह के लिए अत्यंत शुभ रहेगा। कई ऐसे महीनों में ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों का संयोग विवाह के लिए उत्तम फल देने वाले रहेंगे।
विवाह के लिए मुख्यतः गुरु (बृहस्पति) और शुक्र (शुक्राचार्य) के ग्रह योग महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि ये धर्म और प्रेम के प्रतीक माने जाते हैं। जब ये ग्रह अनुकूल भावों में स्थित हों, तब विवाह के लिए शुभ समय बनता है।

2026 में विवाह के प्रमुख शुभ महीने:

  • जनवरी से मार्च 2026: वर्ष की शुरुआत में ही कई शुभ लग्न बनेंगे, विशेषकर मकर और कुंभ राशि वालों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा।
  • अप्रैल से जून 2026: वृषभ, मिथुन और कर्क लग्न में विवाह के उत्तम योग बनेंगे।
  • अक्टूबर से दिसंबर 2026: शरद ऋतु के समय गुरु और शुक्र की स्थिति पुनः विवाह के लिए मंगलकारी रहेगी।

इन महीनों में बनने वाले 2026 में शादी की शुभ तारीखें विवाह जीवन की नींव को मजबूत करेंगी।

कुंडली अनुसार विवाह मुहूर्त 2026 क्यों आवश्यक है?

हर व्यक्ति की कुंडली अलगअलग ग्रह योगों से बनी होती है। इसलिए सामान्य पंचांग देखकर विवाह तय करना उचित नहीं माना जाता।
कुंडली अनुसार विवाह मुहूर्त 2026 निकालते समय ज्योतिषी लग्नेश, सप्तम भाव के स्वामी, गुरु, शुक्र और दशाअंतर्दशा का गहन अध्ययन करते हैं।
यदि ये ग्रह शुभ स्थिति में हैं, तो विवाह के बाद जीवन में स्थिरता और प्रेम बना रहता है।

उदाहरण के तौर पर

  • यदि गुरु सप्तम भाव से शुभ दृष्टि डाल रहा हो, तो विवाह का फल उत्तम होता है।
  • यदि शुक्र ग्रह बलवान हो, तो दांपत्य जीवन में आकर्षण और सामंजस्य बना रहता है।
    इसलिए ज्योतिष अनुसार विवाह मुहूर्त 2026 तय करते समय अपनी जन्मकुंडली का विश्लेषण करवाना अत्यंत आवश्यक है।

2026 में विवाह के लिए शुभ लग्न और नक्षत्र

2026 विवाह मुहूर्त पंचांग के अनुसार जिन लग्नों और नक्षत्रों में विवाह किया जाएगा, वे दीर्घकालीन सुखद परिणाम देंगे।

शुभ लग्न:

  • वृषभ (Taurus)
  • मिथुन (Gemini)
  • कन्या (Virgo)
  • तुला (Libra)
  • मकर (Capricorn)

शुभ नक्षत्र:

  • रोहिणी
  • मृगशिरा
  • उत्तर फाल्गुनी
  • हस्त
  • अनुराधा
  • रेवती

इन नक्षत्रों में विवाह करने से ग्रह दोष का प्रभाव कम होता है और सुखी वैवाहिक जीवन की संभावना बढ़ती है।

2026 में विवाह के लिए कौनसे महीने रहेंगे सबसे शुभ?

2026 में विवाह के लिए शुभ दिन वर्षभर में कई बार आएंगे, लेकिन विशेष रूप से अप्रैल, मई, जून, नवंबर और दिसंबर 2026 को विवाह के लिए सर्वोत्तम माना जा रहा है।

  • अप्रैलजून: जब शुक्र ग्रह वृषभ या मिथुन राशि में हो, यह विवाह के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।
  • नवंबरदिसंबर: इस दौरान गुरु मीन राशि में शुभ दृष्टि दे रहे होंगे, जिससे विवाह योग और भी मजबूत बनेंगे।

2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त के दौरान जब चंद्रमा शुभ नक्षत्रों में रहेगा और गुरुशुक्र बलवान होंगे, तब विवाह करना विशेष फलदायी रहेगा।

2026 विवाह योगकौनसे राशि वालों के लिए वर्ष शुभ रहेगा?

ज्योतिषीय दृष्टि से 2026 में निम्न राशि वाले जातकों के लिए विवाह के अच्छे अवसर बनेंगे:

  • वृषभ राशि: गुरु की दृष्टि सप्तम भाव पर, विवाह के प्रबल योग।
  • कन्या राशि: शुक्र के प्रभाव से प्रेम विवाह के योग बनेंगे।
  • मकर राशि: लंबे समय से रुके विवाह प्रस्ताव पूरे हो सकते हैं।
  • मीन राशि: 2026 में ग्रहों की स्थिति विवाह के लिए अत्यंत अनुकूल रहेगी।

2026 विवाह योग विशेष रूप से उन जातकों के लिए शुभ रहेंगे जिनकी कुंडली में गुरु और शुक्र मजबूत हैं।

डॉ. विनय बजरंगी से विवाह मुहूर्त पर ज्योतिषीय परामर्श क्यों लें?

जब बात जीवन के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयविवाहकी हो, तो सही ज्योतिषीय मार्गदर्शन लेना आवश्यक है।
डॉ. विनय बजरंगी, एक अनुभवी वैदिक ज्योतिषी, आपके ग्रहों की स्थिति और दशाओं के अनुसार व्यक्तिगत विवाह मुहूर्त 2026 निर्धारित करते हैं।

उनके परामर्श से आप जान सकते हैं

  • आपके लिए 2026 में विवाह के शुभ दिन कौन से हैं,
  • कौनसा महीना या नक्षत्र सबसे अनुकूल रहेगा,
  • और कौनसे ग्रह योग आपके विवाह को स्थायी और सुखद बना सकते हैं।

Dr. Vinay Bajrangi विवाह ज्योतिष 2026 पर आधारित सलाह से आपको केवल एक सटीक विवाह तिथि मिलेगी, बल्कि वैदिक ज्योतिष के अनुसार एक सुखी दांपत्य जीवन का मार्ग भी।

2026 में विवाह के लिए क्या सावधानियां रखें?

  • विवाह के लिए चुनी गई तारीख से पहले ग्रहों की दशाअंतर्दशा अवश्य जांचें।
  • यदि मंगल दोष या शनि की साढ़ेसाती चल रही हो, तो उसका शांति उपाय करवाएं।
  • राहुकेतु की स्थिति विवाह से पहले अवश्य देखनी चाहिए ताकि वैवाहिक जीवन में कोई बाधा आए।
  • पंडित या ज्योतिषी से अपनी कुंडली मिलान करवा लें, जिससे गुण मिलान और दोष निवारण सही तरह से हो सके।

 

निष्कर्ष: सही मुहूर्त, सफल विवाह का रहस्य

2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त अनेक हैं, लेकिन हर व्यक्ति के लिए एक ही तारीख शुभ नहीं हो सकती।
इसलिए कुंडली अनुसार विवाह मुहूर्त 2026 ही वास्तविक रूप से लाभदायक रहेगा।
सही ग्रहयोग, नक्षत्र और लग्न में किया गया विवाह जीवनभर के सुख, सामंजस्य और समृद्धि की गारंटी देता है।

यदि आप भी यह जानना चाहते हैं कि ज्योतिष के अनुसार 2026 में विवाह के लिए शुभ तारीख क्या है, तो अपने जन्म विवरण के आधार पर डॉ. विनय बजरंगी से परामर्श लेकर अपने लिए सर्वश्रेष्ठ विवाह मुहूर्त 2026 चुनें।

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिएमेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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हर व्यक्ति के जीवन में विवाह एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ होता है। लेकिन कई बार यह जानना मुश्किल हो जाता है कि शादी कब होगी, कौनसा समय उपयुक्त रहेगा और क्या उसमें कोई विवाह में देरी का योग तो नहीं है। ऐसे में कुंडली के अनुसार विवाह का समय जानना बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।

Dr. Vinay Bajrangi, एक प्रसिद्ध वैदिक ज्योतिषाचार्य, बताते हैं कि आपकी जन्म कुंडली में ही छिपा होता है आपके विवाह का समय, कारण और दिशा।

विवाह से संबंधित ग्रह और भाव

विवाह के ज्योतिषीय संकेत कुंडली में मुख्य रूप से निम्न भावों और ग्रहों से मिलते हैं:

·  सप्तम भाव (7th House): यह भाव सीधासीधा विवाह और जीवनसाथी को दर्शाता है।

·  द्वितीय भाव (2nd House): यह भाव परिवार और वैवाहिक जीवन के स्थायित्व से जुड़ा है।

·  एकादश भाव (11th House): यह इच्छाओं की पूर्ति और विवाह की संभावनाओं से जुड़ा होता है।

यदि इन भावों में शुभ ग्रह स्थित हों, जैसे गुरु (बृहस्पति)शुक्र या चंद्रमा, तो समय पर विवाह होने की संभावना प्रबल होती है। वहीं शनिराहु, या केतु की अशुभ दृष्टि या उपस्थिति से विवाह में विलंब या विवाह में अड़चनें उत्पन्न होती हैं।

कुंडली से विवाह का समय कैसे जानें?

विवाह का समय जानने के लिए कुंडली विश्लेषण में निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक होता है:

1.    दशा और अंतरदशा प्रणाली – अगर आपकी दशा किसी शुभ ग्रह जैसे शुक्र (स्त्री के लिए) या गुरु (पुरुष के लिए) की चल रही है और वो सप्तम भाव से संबंध रखते हैं, तो यह विवाह का अनुकूल समय माना जाता है।

2.    गोचर (Transit) – अगर बृहस्पति या शनि का गोचर सप्तम भाव या इसके स्वामी पर हो, तो विवाह की संभावनाएं अधिक बढ़ जाती हैं।

3.    योग और दोष – आपकी कुंडली में यदि मांगलिक दोषग्रहण योग, या कुंभ विवाह योग जैसे विशेष योग हैं, तो विवाह में बाधा सकती है।

Dr. Vinay Bajrangi के अनुसार, हर व्यक्ति की कुंडली अलग होती है, इसलिए विवाह के लिए शुभ समय जानने के लिए व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण अनिवार्य होता है।

विवाह में देरी के कारण

कई बार विवाह में देरी हो जाती है। इसके पीछे कई ज्योतिषीय कारण हो सकते हैं:

·  मांगलिक दोष: मंगल की अशुभ स्थिति।

·  शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या।

·  गुरु या शुक्र की नीच स्थिति

·  सप्तम भाव का कमजोर या पीड़ित होना

इन सभी कारणों की पहचान कर सही उपाय करने से विवाह शीघ्र हो सकता है

विवाह समय से जुड़ी ज्योतिषीय उपाय

यदि आपकी कुंडली में विवाह में बाधा के योग हैं, तो निम्न उपाय किए जा सकते हैं:

·  मांगलिक दोष निवारण पूजा

·  सप्तम भाव की शांति हेतु विशेष मंत्र जाप

·  गुरुवार का व्रत या कन्याओं को भोजन कराना।

·  शुक्र मंत्र या गुरु मंत्र का नियमित जाप

Dr. Vinay Bajrangi के अनुसार, यह सभी उपाय तभी कारगर होंगे जब वे आपकी कुंडली के आधार पर सुझाए गए हों। व्यक्तिगत परामर्श अत्यंत आवश्यक होता है।

FAQs – कुंडली के अनुसार विवाह का समय

प्र.1: क्या कुंडली से विवाह की सही तारीख पता चल सकती है?

हाँ, कुंडली से दशा, गोचर और योगों के आधार पर विवाह की संभावित समय सीमा पता की जा सकती है।

प्र.2: अगर मेरी शादी में देरी हो रही है तो क्या इसका कारण कुंडली में हो सकता है?

जी हाँमांगलिक दोषसप्तम भाव की कमजोरी, या शनिराहु की दशा जैसे कई कारण विवाह में देरी कर सकते हैं।

प्र.3: क्या कोई विशेष ग्रह शादी के लिए जिम्मेदार होता है?

शुक्र (स्त्रियों के लिए) और गुरु (पुरुषों के लिए) मुख्य ग्रह माने जाते हैं जो विवाह योग बनाते हैं

प्र.4: क्या ज्योतिषीय उपायों से मेरी शादी जल्दी हो सकती है?

यदि उपाय आपकी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार किए जाएं, तो हाँ, इससे विवाह की राह आसान हो सकती है।

प्र.5: Dr. Vinay Bajrangi से विवाह का समय कैसे जानें?

आप उनकी वेबसाइट या व्यक्तिगत परामर्श के माध्यम से अपनी कुंडली दिखाकर शादी का सही समय और उपाय जान सकते हैं।

यदि आप भी जानना चाहते हैं कि आपकी शादी कब होगी, किससे होगी और किन उपायों से इसे सरल बनाया जा सकता है, तो Dr. Vinay Bajrangi से संपर्क करें और अपनी कुंडली का गहराई से विश्लेषण करवाएं।

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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विवाह हर व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ होता है, और भारतीय वैदिक ज्योतिष में इसका विश्लेषण अत्यंत गहराई से किया जाता है। जब कोई जातक यह जानना चाहता है कि उसका विवाह कब होगा, तो वैदिक ज्योतिष दो प्रमुख घटकों का विश्लेषण करता हैदशा (Mahadasha/Antardasha) और गोचर (Transit)

इन दोनों का सम्मिलित अध्ययन किसी भी जातक की कुंडली में विवाह के संभावित समय की सटीक भविष्यवाणी करने में सहायता करता है। तो आइए विस्तार से समझते हैं कि वैदिक ज्योतिष में विवाह की भविष्यवाणी कैसे की जाती है।

1. दशा का महत्व (Importance of Dasha in Marriage Prediction)

दशा का तात्पर्य है ग्रहों की समयानुसार स्थिति और उनका जातक के जीवन पर प्रभाव। प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली में एक महादशा और उसकी अंतर्दशाएं चलती हैं, जो उसके जीवन की घटनाओं को प्रभावित करती हैं।

विवाह के लिए अनुकूल दशाएं:

·  शुक्र की दशा: शुक्र प्रेम, आकर्षण, और विवाह का कारक ग्रह माना जाता है। जब किसी जातक की कुंडली में शुक्र की महादशा या अंतर्दशा चल रही होती है, और वह शुभ स्थिति में होता है, तब विवाह की संभावना प्रबल हो जाती है।

·  सप्तमेश की दशा: सप्तम भाव (सातवां भाव) विवाह का मुख्य भाव होता है। जब सप्तम भाव का स्वामी ग्रह या उसमें स्थित ग्रह की दशा आती है, तो विवाह का योग बन सकता है।

·  गुरु की दशा: गुरु भी शुभ और विवाहकारक ग्रहों में आता है, विशेषतः कन्या और महिला जातकों की कुंडली में। गुरु की दशा आने पर विवाह के योग बनते हैं।

·  चंद्र की दशा: चंद्रमा भावनाओं और मानसिक स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है। इसकी दशा में भी भावनात्मक स्थिरता और पारिवारिक जीवन में रुचि बढ़ती है।

दशा से कैसे विवाह का समय निकाला जाए?

1.    देखें कि किस ग्रह की दशा चल रही है।

2.    उस ग्रह का विवाह से संबंधित भावों से क्या संबंध हैविशेषकर सप्तम, द्वितीय और एकादश भाव।

3.    क्या वह ग्रह शुभ है, और क्या वह अपनी मित्र राशि में स्थित है?

4.    अगर इन सभी का उत्तरहाँहै, तो विवाह का योग निश्चित रूप से बनता है।

2. गोचर का प्रभाव (Role of Transit in Timing Marriage)

गोचर या ट्रांजिट, वर्तमान समय में ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। यह दशा को ट्रिगर करता है और जीवन की घटनाओं को वास्तविकता में लाता है।

विवाह के लिए प्रमुख गोचर:

·  गुरु (बृहस्पति) का गोचर:

o    गुरु जब सप्तम, द्वितीय या नवम भाव से गोचर करता है, तब विवाह का अनुकूल समय होता है।

o    गुरु का लग्न, पंचम या नवम भाव से भी संबंध बनाना विवाह के योग को प्रबल करता है।

·  शुक्र का गोचर:

o    शुक्र जब चंद्र राशि से सप्तम, द्वितीय, या पंचम भाव में गोचर करता है, तब आकर्षण और प्रेम की भावना बढ़ती है।

·  शनि का गोचर:

o    शनि का गोचर कभीकभी विवाह में देरी करता है, लेकिन जब वह विवाह कारक भावों पर शुभ दृष्टि डालता है, तब वह स्थाई और परिपक्व संबंधों का योग बनाता है।

गोचर से कैसे विवाह का समय तय करें?

1.    वर्तमान गोचर में गुरु और शुक्र की स्थिति को देखें।

2.    वह चंद्र राशि से कौन से भावों में गोचर कर रहे हैं?

3.    क्या यह गोचर दशा से मेल खा रहा है?

अगर दशा और गोचर दोनों मिलकर विवाह के संकेत दे रहे हों, तो यह निश्चित माना जाता है कि विवाह निकट है।

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3. विवाह के अन्य योग

विवाह की भविष्यवाणी करते समय निम्न बातों का भी ध्यान रखा जाता है:

·  सप्तम भाव में ग्रहों की स्थिति – कोई पाप ग्रह (जैसे राहु, केतु, शनि) सप्तम भाव में हो तो विवाह में देरी या बाधा हो सकती है।

·  चंद्र कुंडली का विश्लेषण – लग्न के साथसाथ चंद्र कुंडली में सप्तम भाव और उसके स्वामी को भी देखना चाहिए।

·  द्वितीय और एकादश भाव – ये भाव भी परिवार और सामाजिक रिश्तों को दर्शाते हैं, जिससे विवाह के संकेत मिलते हैं।

निष्कर्ष

विवाह की भविष्यवाणी वैदिक ज्योतिष में एक गूढ़ विज्ञान है, जिसमें दशा और गोचर दोनों का समान महत्व है। एक कुशल ज्योतिषी जब कुंडली/kundali में चल रही दशा और वर्तमान ग्रहों के गोचर का सूक्ष्म अध्ययन करता है, तब वह विवाह के समय की सटीक जानकारी दे सकता है।

यदि आप यह जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली में विवाह कब संभव है, तो एक विशेषज्ञ ज्योतिषी से परामर्श लेकर अपनी दशा और गोचर का विश्लेषण अवश्य करवाएं।

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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