vivah main ho rahi deri ke jyotishiye paramarsh Archives - KundliHindi https://kundlihindi.com/tag/vivah-main-ho-rahi-deri-ke-jyotishiye-paramarsh/ My WordPress Blog Tue, 04 Nov 2025 06:06:48 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://i0.wp.com/kundlihindi.com/wp-content/uploads/2022/11/cropped-kundlihindi.png?fit=32%2C32&ssl=1 vivah main ho rahi deri ke jyotishiye paramarsh Archives - KundliHindi https://kundlihindi.com/tag/vivah-main-ho-rahi-deri-ke-jyotishiye-paramarsh/ 32 32 214685846 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानिए विवाह में देरी का कारण https://kundlihindi.com/blog/jane-vivah-me-deri-ka-karan/ https://kundlihindi.com/blog/jane-vivah-me-deri-ka-karan/#respond Tue, 04 Nov 2025 06:05:35 +0000 https://kundlihindi.com/?p=4196 विवाह हर व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। लेकिन कई बार मेहनत, शिक्षा या सामाजिक कारणों के बावजूद शादी में देरी होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह में देरी के पीछे केवल सामाजिक या व्यक्तिगत कारण नहीं होते, बल्कि इसका संबंध व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति और उनके प्रभाव...

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विवाह हर व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। लेकिन कई बार मेहनत, शिक्षा या सामाजिक कारणों के बावजूद शादी में देरी होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह में देरी के पीछे केवल सामाजिक या व्यक्तिगत कारण नहीं होते, बल्कि इसका संबंध व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति और उनके प्रभाव से भी होता है।

कुंडली में विवाह के योग और विलंब के संकेत

किसी व्यक्ति की कुंडली में सप्तम भाव (7th House) विवाह का कारक होता है। यह भाव जीवनसाथी भविष्यवाणी, दांपत्य सुख और वैवाहिक स्थिरता से जुड़ा होता है। जब इस भाव पर अशुभ ग्रहों का प्रभाव पड़ता है या इसका स्वामी कमजोर होता है, तो विवाह में बाधा या देरी के योग बनते हैं।

ज्योतिष में विवाह में देरी के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  1. शनि (Saturn) का सप्तम भाव में होना या दृष्टि देना।
  2. राहु या केतु का सप्तम भाव या उसके स्वामी पर प्रभाव डालना।
  3. मंगल दोष (Mangal Dosha) का होनाविशेष रूप से लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में मंगल का स्थान।
  4. शुक्र (Venus) का कमजोर या नीच राशि में होना।
  5. सप्तम भाव का स्वामी यदि पाप ग्रहों के साथ स्थित हो या छठे, आठवें या बारहवें भाव में चला गया हो।

इन संयोजनों से यह संकेत मिलता है कि व्यक्ति को जीवनसाथी मिलने में विलंब या बारबार रुकावटें सकती हैं।

विवाह में देरी का वास्तविक कारण कैसे जानें?

केवल एक ग्रह देखकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। हर कुंडली विशिष्ट होती है और सभी भाव एकदूसरे से जुड़कर परिणाम देते हैं। उदाहरण के लिए:

  • यदि शनि देरी करा रहा है लेकिन गुरु (Jupiter) शुभ दृष्टि दे रहा हो, तो विवाह विलंबित होकर भी स्थायी और सफल रहता है।
  • वहीं यदि मंगल दोष और शुक्र की कमजोरी दोनों साथ हों, तो केवल देरी होती है बल्कि रिश्तों में अस्थिरता भी सकती है।

इसलिए Dr. Vinay Bajrangi जैसे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेकर कुंडली का गहन विश्लेषण करवाना आवश्यक है।

देर से विवाह होने के ग्रहयोग (Late Marriage Yog)

ज्योतिष शास्त्र में कुछ विशिष्ट योग विवाह में देरी के संकेत देते हैं:

  • शनि का सप्तम भाव में होना: स्थिरता देता है लेकिन विवाह में देरी भी करता है।
  • सूर्य की दृष्टि सप्तम भाव पर: अहंकार या परिवारिक असहमति के कारण देरी।
  • मंगलशुक्र का विपरीत संबंध: प्रेम जीवन में अस्थिरता और निर्णय में विलंब।
  • गुरु का नीच या शत्रु राशि में होना: विवाह प्रस्तावों में बाधा।
  • लग्नेश और सप्तमेश का संबंध होना: विवाह के समय निर्धारण में देरी।

कुंडली में विवाह का समय कैसे ज्ञात करें?

विवाह का समय दशाभुक्ति और गोचर से निर्धारित किया जा सकता है। जब गुरु, शुक्र या सप्तमेश की दशा चलती है और वे अनुकूल भावों में होते हैं, तो विवाह योग बनता है।

  • यदि दशा शनि की हो, तो विवाह उम्र के बाद के वर्षों में होता है।
  • यदि शुक्र या गुरु की दशा हो, तो विवाह अपेक्षाकृत जल्दी हो सकता है।

Dr. Vinay Bajrangi इस समयनिर्धारण को टाइमिंग ऑफ मैरिज/Know Timing of Marriage विश्लेषण के माध्यम से सटीक रूप से बताते हैं, जिससे व्यक्ति विवाह की सही अवधि जान सके।

ज्योतिषीय उपाय जो विवाह में देरी को दूर करें

यदि कुंडली में देर से विवाह के योग हों, तो कुछ पारंपरिक उपाय ग्रहों को संतुलित करने में सहायक हो सकते हैं:

  1. मंगल दोष निवारण पूजा कराना।
  2. शुक्र और गुरु को मजबूत करने के लिए उनके बीज मंत्रों का नियमित जाप।
  3. शनि को शांत करने के लिए शनिवार उपवास या गरीबों को दान देना।
  4. कन्या दान या गौ दान जैसे शुभ कर्मों में भाग लेना।
  5. विवाह योग्य आयु में कुंडली मिलान (Match Making) करवाना ताकि सही जीवनसाथी का चयन हो सके।

इन उपायों से ग्रहों की नकारात्मकता कम होकर विवाह के मार्ग में तेजी आती है।

क्या प्रेम विवाह और देरी का संबंध है?

कई बार प्रेम विवाह के इच्छुक लोगों को भी देरी का सामना करना पड़ता है। यदि कुंडली में पंचम भाव (प्रेम का भाव) और सप्तम भाव (विवाह का भाव) के बीच अनुकूल संबंध नहीं हो, तो प्रेम विवाह में बाधा आती है।
हालांकि, यदि शुक्र और बुध मजबूत हों, तो प्रेम विवाह के योग बनते हैं, चाहे विलंब हो या सामाजिक विरोध।

Dr. Vinay Bajrangi का मत

Dr. Vinay Bajrangi के अनुसार, विवाह में देरी केवल ग्रहों की सजा नहीं है, बल्कि यह आत्मिक और कर्मिक कारणों से भी जुड़ी होती है।
कई बार ब्रह्मांड व्यक्ति को सही समय पर सही साथी से मिलवाने के लिए देरी करवाता है।
इसलिए ज्योतिष को डर का नहीं, बल्कि समय और परिस्थितियों को समझने का विज्ञान मानना चाहिए।

FAQ: लोग अक्सर पूछते हैं

Q1. क्या कुंडली से विवाह में देरी का कारण पता लगाया जा सकता है?
हाँ, सप्तम भाव, शुक्र, गुरु और दशा प्रणाली देखकर विवाह में देरी का कारण स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है।

Q2. क्या मंगल दोष से विवाह में हमेशा देरी होती है?
जरूरी नहीं। यदि मंगल शुभ दृष्टि में हो या विवाह योग्य भावों से संबंध रखता हो, तो विवाह विलंबित होकर भी सफल रहता है।

Q3. देर से विवाह का सही उपाय क्या है?
कुंडली/kundali विश्लेषण के बाद उपयुक्त ग्रहशांति पूजा, मंत्र जाप और दान ही सबसे प्रभावी उपाय होते हैं।

Q4. क्या कुंडली मिलान देर से विवाह वाले लोगों के लिए भी जरूरी है?
हाँ, क्योंकि कुंडली मिलान से ग्रहों के टकराव और वैवाहिक असंगति को पहले से समझा जा सकता है।

निष्कर्ष

विवाह में देरी केवल भाग्य का खेल नहीं है, यह ग्रहों, दशाओं और कर्म के संयोजन का परिणाम होता है।
यदि आप या आपके परिवार में किसी की शादी लंबे समय से टल रही है, तो ज्योतिषीय परामर्श लेना व्यावहारिक समाधान साबित हो सकता है।

Dr. Vinay Bajrangi की विशेषज्ञ सलाह से आप अपनी कुंडली का विश्लेषण करवा सकते हैं और विवाह योग के सही समय की जानकारी पा सकते हैं।

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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जानने आप अपनी भविष्य की पत्नी को कब पाएंगे? https://kundlihindi.com/blog/meri-future-wife-kab-milegi/ https://kundlihindi.com/blog/meri-future-wife-kab-milegi/#respond Wed, 06 Aug 2025 05:49:09 +0000 https://kundlihindi.com/?p=3888 हर व्यक्ति के जीवन में विवाह एक महत्वपूर्ण मोड़ होता है। लेकिन कई बार ये सवाल मन में बार–बार उठता है: “मैं अपनी भविष्य की पत्नी से कब मिलूंगा?” या “मुझे कैसे पता चलेगा कि वही मेरी जीवनसंगिनी है?” जवाब छुपा है आपकी जन्म कुंडली में। वैदिक ज्योतिष में ऐसे कई संकेत होते हैं जो यह दर्शाते हैं...

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हर व्यक्ति के जीवन में विवाह एक महत्वपूर्ण मोड़ होता है। लेकिन कई बार ये सवाल मन में बारबार उठता है:
मैं अपनी भविष्य की पत्नी से कब मिलूंगा?”
या
मुझे कैसे पता चलेगा कि वही मेरी जीवनसंगिनी है?”

जवाब छुपा है आपकी जन्म कुंडली में। वैदिक ज्योतिष में ऐसे कई संकेत होते हैं जो यह दर्शाते हैं कि आपको अपनी भविष्य की पत्नी से मिलने का समय कब आएगा और वो व्यक्ति कौन हो सकता है। इस विषय में Dr. Vinay Bajrangi जैसे अनुभवी ज्योतिषाचार्य आपकी कुंडली का विश्लेषण करके सटीक जानकारी दे सकते हैं।

भविष्य की पत्नी से मिलने का समय जाननाज्योतिषीय दृष्टिकोण

आपके विवाह से जुड़े योग आपकी कुंडली में छिपे होते हैं। भविष्य की पत्नी से मिलने का समय मुख्य रूप से 7वां भावविवाह योग, और कुछ विशेष ग्रहों की दशा पर निर्भर करता है।

7वां भाव (House of Marriage)

·  यह भाव यह बताता है कि विवाह कब होगा।

·  इसमें स्थित ग्रह यह दर्शाते हैं कि आपकी जीवनसाथी कैसी होंगीस्वभाव, व्यक्तित्व, पारिवारिक पृष्ठभूमि आदि।

5वां भाव और शुक्र की स्थिति

·  यदि कुंडली में 5वां भाव और शुक्र मजबूत हो, तो व्यक्ति को जल्दी प्रेम संबंध या विवाह का योग मिल सकता है।

·  यह भी संकेत दे सकता है कि भविष्य की पत्नी से पहली मुलाकात कब होगी

ग्रहों की दशा और गोचर का प्रभाव

आपकी कुंडली में जब शुक्रगुरु या चंद्रमा जैसे ग्रह विवाह भाव को सक्रिय करते हैं, तो वही समय होता है जब आप अपने जीवनसाथी से मिलने की संभावना रखते हैं।

·  गुरु (बृहस्पति) का गोचर लड़कियों के लिए विवाह योग दर्शाता है।

·  शुक्र का गोचर और दशा लड़कों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

इन ग्रहों की स्थितियां देखकर ये समझा जा सकता है कि आप किस समय पर अपनी भविष्य की पत्नी से मिल सकते हैं या कब रिश्ता पक्का हो सकता है।

भविष्य की पत्नी की पहचान कैसे करें?

आपके भविष्य की पत्नी का स्वभावरूपपारिवारिक पृष्ठभूमि, और यहां तक कि मुलाकात का स्थान भी कुंडली में छिपा होता है।

·  नवांश कुंडली (D-9 chart) से जीवनसाथी के स्वभाव का पता चलता है।

·  7वें भाव का स्वामी और उस पर दृष्टि डालने वाले ग्रह यह बताते हैं कि आपकी पत्नी किस पेशे से हो सकती हैं, या कहां मुलाकात हो सकती है।

Dr. Vinay Bajrangi से विवाह भविष्यवाणी क्यों कराएं?

Dr. Vinay Bajrangi, एक प्रतिष्ठित वैदिक ज्योतिषाचार्य हैं, जो विशेष रूप से विवाह भविष्यवाणी में माहिर हैं। वे आपकी जन्म कुंडलीनवांश कुंडली, और दशा गोचर प्रणाली का विश्लेषण करके सटीक बताते हैं कि:

·  आपकी भविष्य की पत्नी कौन हो सकती हैं

·  उनसे कब मुलाकात होगी

·  विवाह में देरी क्यों हो रही है

·  विवाह के बाद जीवन कैसा होगा

उनकी सलाह व्यक्तिगत और वैज्ञानिक विश्लेषण पर आधारित होती है, जिससे आपको जीवन का सही मार्ग मिल सकता है।

महत्वपूर्ण

·  भविष्य की पत्नी से मिलने का समय

·  जन्म कुंडली से विवाह की भविष्यवाणी

·  वाइफ प्रेडिक्शन बाय डेट ऑफ बर्थ

·  लाइफ पार्टनर कब मिलेगा

·  शादी कब होगी ज्योतिष अनुसार

·  विवाह भविष्यवाणी

FAQs – आप अपनी भविष्य की पत्नी से कब मिलेंगे?

Q1: क्या जन्म कुंडली से यह पता लगाया जा सकता है कि मैं अपनी भविष्य की पत्नी से कब मिलूंगा?

हाँ, कुंडली के 7वें भाव, दशा और गोचर से यह जानना संभव है कि आप अपनी भविष्य की पत्नी से कब मिल सकते हैं।

Q2: क्या मैं जान सकता हूँ कि मेरी पत्नी कैसी होंगी?

जी हाँनवांश कुंडली और 7वें भाव के स्वामी की स्थिति से आपकी पत्नी का स्वभाव, शारीरिक गुण, और पेशा भी जाना जा सकता है।

Q3: क्या भविष्य की पत्नी का नाम कुंडली से पता चल सकता है?

सीधा नाम नहीं, लेकिन नाम के पहले अक्षर या राशि का अनुमान कुंडली से लगाया जा सकता है।

Q4: क्या Dr. Vinay Bajrangi से मिलकर मैं यह जान सकता हूं कि मेरी शादी कब होगी?

बिलकुल, Dr. Vinay Bajrangi गहराई से आपकी कुंडली का अध्ययन कर यह बता सकते हैं कि विवाह कब होगा और कौन होगा आपका जीवनसाथी।

Q5: क्या मुझे अपनी पत्नी से पहले ही प्रेम होगा?

यदि आपकी कुंडली में 5वां भाव मजबूत है और उसमें शुभ ग्रहों की दृष्टि है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपकी पत्नी से पहले प्रेम संबंध बने।

निष्कर्ष

क्या कभी मेरी शादी होगी ? – यह सवाल अब अनुत्तरित नहीं रहेगा अगर आप अपनी जन्म कुंडली को सही दिशा में पढ़ें या किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से मार्गदर्शन लें।

Dr. Vinay Bajrangi जैसे विशेषज्ञ आपकी कुंडली के गूढ़ रहस्यों को समझकर आपकी विवाह यात्रा को सफल बना सकते हैं।

अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपकी लाइफ पार्टनर से मुलाकात कब और कैसे होगी, तो अभी अपनी कुंडली का गहन विश्लेषण करवाएं!

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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शादी में आने वाली रुकावट दूर करने के लिए करें ये ज्योतिषीय उपाय https://kundlihindi.com/blog/vivah-me-aa-rhi-rukawat-ke-upay/ https://kundlihindi.com/blog/vivah-me-aa-rhi-rukawat-ke-upay/#respond Fri, 06 Jun 2025 05:41:55 +0000 https://kundlihindi.com/?p=3660 शादी हर व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। लेकिन कई बार लाख कोशिशों के बावजूद शादी में रुकावट आ जाती है। कभी सही रिश्ता नहीं मिलता, तो कभी सगाई के बाद बात टूट जाती है। ऐसे में जरूरी है कि हम ज्योतिषीय उपाय अपनाकर इन बाधाओं को दूर करें। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में कुछ ग्रह दोष...

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शादी हर व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। लेकिन कई बार लाख कोशिशों के बावजूद शादी में रुकावट  जाती है। कभी सही रिश्ता नहीं मिलता, तो कभी सगाई के बाद बात टूट जाती है ऐसे में जरूरी है कि हम ज्योतिषीय उपाय अपनाकर इन बाधाओं को दूर करें।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में कुछ ग्रह दोष होते हैं जो विवाह में देरी या रुकावट का कारण बनते हैं। लेकिन इनका समाधान संभव है। आज हम जानेंगे ऐसे ही कुछ असरदार उपाय, जिन्हें अपनाकर आप अपने विवाह मार्ग को सुगम बना सकते हैं।

शादी में रुकावट के ज्योतिषीय कारण

1.    मांगलिक दोष (Mangal Dosh) – अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित हो तो वह मांगलिक दोष कहलाता है। इससे शादी में देरी या रिश्तों में समस्याएं आती हैं।

2.    शनि का प्रभाव – यदि शनि ग्रह सप्तम भाव पर प्रभाव डाल रहा हो, तो वह व्यक्ति के विवाह में रुकावट पैदा करता है।

3.    गुरु और शुक्र की स्थिति – विवाह में गुरु (बृहस्पति) और शुक्र का सीधा संबंध होता है। इनका नीचस्थ या पीड़ित होना विवाह में रुकावट का कारण बनता है।

4.    दशा और गोचर – कई बार सही ग्रह दशा नहीं चल रही होती, जिससे विवाह के योग होते हुए भी बात नहीं बनती।

शादी में रुकावट दूर करने के ज्योतिषीय उपाय

1. मंगल दोष निवारण के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें

अगर आपकी कुंडली में मांगलिक दोष है, तो मंगलवार को हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। साथ ही बजरंग बली को लाल चोला चढ़ाएं।

2. सप्तम भाव की शुद्धि के लिए रुद्राभिषेक करें

शिव जी को वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है। इसलिए सोमवार को शिवलिंग पर कच्चे दूध, शहद और बेलपत्र चढ़ाकर रुद्राभिषेक करें।

3. गुरु का आशीर्वाद पाने के लिए गुरुवार का व्रत रखें

गुरु ग्रह को प्रसन्न करने के लिए गुरुवार का व्रत रखें। पीले वस्त्र पहनें, चने की दाल का दान करें और केले के पेड़ की पूजा करें।

4. शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा करें

शुक्र ग्रह को विवाह का कारक माना जाता है। शुक्रवार को सफेद वस्त्र पहनकर माता लक्ष्मी की पूजा करें चावल, दूध और सफेद मिठाई का दान करें।

5. कुंडली मिलान कराएं

शादी से पहले कुंडली मिलान अवश्य कराएं। इससे यह पता चलता है कि कौनसे दोष हैं और उनसे बचने के क्या उपाय हैं।

6. Dr. Vinay Bajrangi से परामर्श लें

यदि उपरोक्त उपायों के बाद भी शादी में रुकावट रही है, तो कुंडली की गहन जांच जरूरी है। इसके लिए आप प्रख्यात ज्योतिषाचार्य Dr. Vinay Bajrangi से संपर्क कर सकते हैं। उनका अनुभव और विश्लेषण आपको सही दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

ऐसे संकेत जो बताते हैं कि आपकी कुंडली में विवाह में रुकावट है

·  लगातार रिश्ते टूटते हैं

·  मातापिता को रिश्ता मंजूर नहीं होता

·  मनचाहा जीवनसाथी नहीं मिलता

·  शादी तय होतेहोते टल जाती है

·  कुंडली मिलान में दोष निकलता है

FAQ – शादी में रुकावट और ज्योतिषीय समाधान

प्र.1: क्या हर मांगलिक दोष शादी में रुकावट पैदा करता है?
उत्तर: नहीं, हर मांगलिक दोष प्रभावी नहीं होता। यह कुंडली के अन्य ग्रहों और भावों पर भी निर्भर करता है। इसके लिए विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

प्र.2: शादी में देरी का उपाय क्या है?
उत्तर: गुरुवार का व्रतशिव पूजामाता लक्ष्मी की आराधना आदि उपाय करें। साथ ही कुंडली अनुसार विशेष ग्रह शांति कराएं।

प्र.3: क्या केवल रत्न पहनने से शादी में रुकावट दूर हो जाती है?
उत्तर: नहीं, रत्न तभी पहनने चाहिए जब वे कुंडली के अनुसार हों। बिना सलाह के रत्न पहनना उल्टा असर भी दे सकता है।

प्र.4: शादी के लिए कौनसे ग्रह सबसे महत्वपूर्ण होते हैं?
उत्तर: मुख्यतः गुरु (बृहस्पति)शुक्रशनि, और चंद्रमा इनकी स्थिति शादी के योग तय करती है।

प्र.5: Dr. Vinay Bajrangi की विशेषता क्या है?
उत्तर: Dr. Vinay Bajrangi एक अनुभवी वैदिक ज्योतिषाचार्य हैं, जो कुंडली के गहराई से विश्लेषण द्वारा विवाह संबंधित समस्याओं का समाधान प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष

शादी में रुकावट एक आम समस्या है, लेकिन इसका समाधान संभव है। यदि आप वैदिक ज्योतिष के उपायों को सही ढंग से अपनाएं और कुंडली अनुसार निर्णय लें, तो विवाह जीवन में निश्चित ही शुभता आती है। Dr. Vinay Bajrangi जैसे अनुभवी ज्योतिषी से मार्गदर्शन लेकर आप अपने विवाह जीवन को सफल बना सकते हैं।

अगर आप चाहते हैं कि आपकी कुंडली का विश्लेषण करके सही विवाह मुहूर्त निकाला जाए या विवाह बाधा का समाधान मिले, तो विशेषज्ञ की मदद लेने में देर करें।

शादी में रुकावट के ज्योतिष उपायमांगलिक दोष निवारणकुंडली मिलान, और शुभ विवाह योग जैसे शब्दों को समझना और उनके अनुसार उपाय करना आपको सही जीवनसाथी पाने में सहायता करेगा।

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किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

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